माई सिटी रिपोर्टर
अंबाला सिटी। सिरसा से सांसद निर्वाचित होने के बाद पहली बार अंबाला आईं कुमारी सैलजा के तेवर तल्ख नजर आए। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि मैं और मेरा की राजनीति न करते तो सभी सीटें कांग्रेस के पास होती।
उन्होंने कहा कि हिसार से चंद्रमोहन का नाम लिया जा रहा था। वे चुनाव लड़ते तो अच्छे मार्जन से जीतते। फिर भी कांग्रेस ने हिसार सीट जीती है। करनाल जैसा क्षेत्र जो सीएम सिटी था वहां निर्णय लेने में देर हुई। यहां तय ही नहीं किया कि मजबूत उम्मीदवार कौन है, किसको लड़ाया जाए। टिकट दिलाया तो जिताने की जिम्मेदारी भी लेनी चाहिए।
गुरुग्राम में बाहर से उम्मीदवार को लाना ठीक नहीं था। इसी प्रकार एक उदाहरण के तौर पर सोनीपत आपका क्षेत्र है यहां हरिद्वार से उम्मीदवार को लाए, हालांकि वे जीते, मगर जीत का मार्जन और बड़ा हो सकता था। इसीलिए हम अपने साथियों को चेता रहे हैं कि देश के लोगों की सोचें, कार्यकर्ताओं की सोचें, परिवार की नहीं लोगों की सेवा का सोचें।
कुमारी सैलजा ने कहा कि समीक्षा हुई तो वह कभी कहने से नहीं चूकेंगी कि क्या गलतियां हुईं। जो हमारे प्रभारी हैं, उनको यह समझना चाहिए कि लोगों को जोड़कर चुनाव लड़े जाते हैं। जमीन को समझना पड़ता है। विधानसभा चुनाव में सीएम के चेहरे पर चुनाव लड़ने के प्रश्न पर कुमारी सैलजा ने कहा कि अगर हम सत्ता में हैं तो जो उस समय का मुख्यमंत्री है, वह आगे पांच साल लीड करता है। अगर हम विपक्ष में हैं तो हमेशा सभी को साथ लेकर चलना चाहिए।
राव दान सिंह की टिकट पर कुमारी सैलजा ने कहा कि कायदे से राव दान सिंह को गुरुग्राम में टिकट मिलनी चाहिए थी, उन्हें फंसा भी दिया लड़वा भी दिया। अहीरवाल से और हरवा भी दिया। विधानसभा चुनाव के लिए उन्होंने कहा कि हमने वो दौर भी देखा है जब 1987 में विधानसभा चुनाव में हमारे खिलाफ माहौल था। तब विपक्ष 85 सीटें जीता था। आज वैसा ही माहौल है। इस बार ढंग से चुनाव लड़े तो मौका पूरा है। इस दौरान पूर्व उप मुख्यमंत्री चंद्रमोहन, विधायक शमशेर सिंह गोगी, शैली चौधरी, कार्यकारी अध्यक्ष रामकिशन गुर्जर और पूर्व कोषाध्यक्ष रोहित जैन नेता उपस्थित रहे।