फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Ambala News: नहीं चल पाया आईसीयू, स्टाफ का चल रहा इंतजार

Wed, 10 Sep 2025 01:53 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
विज्ञापन
अंबाला कैंट के अटल कैंसर केयर केंद्र में बना आईसीयू पड़ा खाली: संवाद
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

अंबाला। गंभीर मरीजों के लिए अंबाला के अटल कैंसर केयर केंद्र में 10 बेड के आईसीयू की सुविधा होने के बाद भी मरीजों को इसका लाभ नहीं मिल रहा है। बिना ट्रेंड स्टाफ व बेहोशी के डॉक्टर के यह आईसीयू महज शोपीस बनकर रह गया है। अस्पताल में आईसीयू के 10 बेड का अभी तक केवल वार्ड के लिए इस्तेमाल होता है।
मानसिक रोग निदेशक डॉ. ब्रह्मदीप सिंह ने 26 जुलाई को निरीक्षण के दौरान आईसीयू पर ताला लटका मिलने के कारण अस्पताल प्रबंधन को फटकार लगाई थी। बावजूद अभी तक इसे चलाया नहीं जा सका। अस्पताल प्रबंधन द्वारा मुख्यालय के किए गए पत्राचार में ही स्टाफ की नियुक्ति अटकी पड़ी है। जबकि अस्पताल में आने वाले गंभीर मरीजों को आईसीयू के लिए रेफर करने के अलावा कोई चारा नहीं बचता। लाखों रुपये की लागत से इस आईसीयू में बेड व उपकरण हैं, जिनका इस्तेमाल केवल कुछ बड़े ऑपरेशन के दौरान मरीजों के लिए ही किया जाता है। अटल कैंसर केयर केंद्र के वार्ड में मरीजों की संख्या बढ़ने पर कई बार इस आईसीयू को महज मरीजों को दाखिल करने के लिए किया जाता है।
विज्ञापन


गंभीर मरीजों को काटने पड़ते हैं चंडीगढ़ पीजीआई के चक्कर

अटल कैंसर केयर केंद्र में हरियाणा ही नहीं पंजाब, हिमाचल प्रदेश आदि से भी मरीज आते हैं। आईसीयू संचालित न होने के कारण इसका मरीजों को लाभ नहीं मिल पाता है। अस्पताल प्रबंधन की तरफ से केवल कैंसर के बड़े ऑपरेशन के दौरान आपातकालीन स्थिति में इसका इस्तेमाल किया जाता है। आईसीयू को चलाने के लिए सबसे ज्यादा बेहोशी के डॉक्टर की जरूरत होती है। जबकि अटल कैंसर केयर केंद्र में एक ही बेहोशी के डॉक्टर है। अस्पताल प्रबंधन की तरफ से चार बेहोशी के डॉक्टरों की मांग भेजी गई है।
विज्ञापन


आईसीयू के लिए बेहोशी के डॉक्टर सहित अन्य ट्रेंड स्टाफ के लिए मुख्यालय में पत्राचार किया जा रहा है। स्टाफ के आते ही इसे सुचारू रूप से चला दिया जाएगा।
डॉ. यशपाल वर्मा, कार्यवाहक निदेशक, अटल कैंसर केयर केंद्र

अंबाला कैंट के अटल कैंसर केयर केंद्र में बना आईसीयू पड़ा खाली: संवाद

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें