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आईएएस अफसर ने दिखाई ‘मेहरबानी’, मंत्री हैरान

Mon, 29 Jun 2015 01:16 AM IST
अंबाला /अमर उजाला ब्यूरो
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सूबे में गैर कानूनी ढंग से चलाए जा रहे नर्सिंग स्कूलों और कालेजों के खेल में स्वास्थ्य मंत्रालय के अंतर्गत ही एक विभाग के आईएएस अफसर की भी सक्रिय भूमिका रही।
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अभी तक नियमों कोताक  रखकर इन नर्सिंग स्कूलों और कॉलेजों द्वारा एएनएम और जीएनएम के कोर्स करवाए जाते थे। उनकी परीक्षाएं लेकर नर्सिंग स्टूडेंट्स को डिग्रियां बांटी जाती थीं। यह परीक्षाएं परीक्षाएं किसी अधिकृत बोर्ड के जरिए नहीं होती थीं। इनके लिए संबंधित आईएएस अफसर ने खास व्यवस्था बनाई हुई थी। उन्होंने अपनी आर्ट्स टीचर पत्नी को ही इन परीक्षाओं के लिए नियंत्रक बना दिया था।

इंडियन नर्सिंग काउंसिल के तहत इस तरह की परीक्षाओं के लिए काउंसिल और राज्य सरकार द्वारा बकायदा एक अधिकृत बोर्ड गठित किया जाता है। कई नॉर्म्स पूरे करने के बाद इन परीक्षाओं को लिया जाता है। सूबे में इन नियमों को ताक पर रखकर एक आईएएस अफसर की पत्नी को ही परीक्षा नियंत्रक बना दिया गया। इसके बाद नर्सिंग छात्राओं को डिग्रियां भी बांट दी गईं। इन परीक्षाओं के लिए छात्राओं से लाखों रुपये भी वसूल किए जा रहे थे।
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पिछले दिनों सूबे के सेहत मंत्री को इसकी जानकारी हुई तो वे हैरान रह गए। उन्होंने तत्काल प्रभाव से परीक्षा नियंत्रक बनीं आईएएस की पत्नी को हटाया और मामले की जांच के आदेश दे दिए। अब गैर कानूनी तरीके से चल रहे नर्सिंग कॉलेजों और स्कूलों पर भी शिकंजा कसने की तैयारी हैं। हालांकि, छात्राएं इसका सड़कों पर विरोध कर रही है।

स्टूडेंट्स को इस तरह मिल सकती है राहत
सूबे में गैर कानूनी तरीके से सूबे में चल रहे नर्सिंग कॉलेज और स्कूलों में पड़ रहीं नर्सिंग स्टूडेंट्स के लाखों रुपये खर्च हो चुके हैं। वे विभिन्न कोर्सों में एक-एक साल की परीक्षाएं भी दे चुकी हैं। फिलहाल उनके रिजल्ट पर रोक लगी है। अब सरकार छात्राओं को राहत देने के लिए सेहत मंत्री की निगरानी में बनी आला अफसरों की विशेष कमेटी ऐसा रास्ता तलाश रही है।

सूत्र बताते हैं कि सरकार सूबे में चल रहे नर्सिंग स्कूलों और कॉलेजों पर शिंकजा कसते हुए उन्हें पूरी तरह इंडियन नर्सिंग काउंसिल और सरकारी नॉर्म्स अपनाने के लिए बाध्य कर सकती है। छात्राओं को परेशानी से बचाने के लिए सरकार कानूनी राय ले रही है।


मैं हैरान हूं कि एएनएम और जीएनएम कोर्सों की परीक्षाओं के लिए एक आईएएस ने अपनी पत्नी को ही परीक्षा नियंत्रक बना दिया। वो भी आर्ट टीचर को। उनकी निगरानी में परीक्षा होती थी। इतना ही नहीं सूबे में ऐसे नर्सिंग स्कूल और कॉलेज हैं, जहां इंजेक्शन तक नहीं हैं। इनमें छात्राओं को क्या सिखाया जाता होगा। इस सब को सही कर रहे हैं। फिलहाल आईएएस की पत्नी को परीक्षा नियंत्रक पद से हटा दिया है।
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-अनिल विज, सेहत मंत्री, हरियाणा सरकार-
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