बराड़ा में नगर पालिका परिसर में विरोध में नारेबाजी करते सफाई कर्मचारी। संवाद
बराड़ा। करीब तीन महीने की सैलरी न मिलने के कारण बराड़ा में सफाई कर्मचारी आंदोलन पर उतर आए। बुधवार सुबह नगर पालिका कार्यालय में हड़ताल पर बैठे नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के बराड़ा उपप्रधान जसमीत ने बताया के वह काफी समय से बराड़ा नगर पालिका क्षेत्र में सफाईकर्मी हैं।
उन्हें करीब तीन महीने से सैलरी नहीं मिली है, जिससे उनका घर का गुजारा भी बड़ी मुश्किल से चल रहा है। उन्होंने बताया कि पहले भी एक ठेकेदार ने उनकी कई महीने की सैलरी नहीं दी थी। लेकिन उसके बाद अब दूसरे ठेकेदार के पास बराड़ा की सफाई का ठेका है। यह ठेकेदार यमुनानगर से है।
इस ठेकेदार ने कर्मचारी भी काफी कम कर दिए हैं, जिससे उनका काम काफी बढ़ गया है। वहीं, वह दिनभर काम करके बराड़ा में सफाई व्यवस्था सुचारू करते हैं, लेकिन फिर भी उन्हें सैलरी समय पर नहीं मिल रही है। ठेकेदार द्वारा रोजाना उन्हें सैलरी के लिए टरकाया जा रहा है। यही नहीं नगर पालिका अधिकारी भी उनकी कोई सुनवाई नहीं करते। आखिरकार मंगलवार को इन सफाईकर्मियों के सब्र का बांध टूट गया और उन्होंने कूड़ा लाकर नगर पालिका कार्यालय के मुख्यद्वार के सामने डाल दिया। इसके अलावा बुधवार से सभी कर्मचारी हड़ताल पर बैठ गए।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी सैलरी नहीं मिली तो वह सफाई कार्य नहीं करेंगे। उनकी हड़ताल की चेतावनी के बाद आखिरकार ठेकेदार को कर्मचारियों का हक देने को मजबूर होना पड़ा। वहीं सफाई कर्मी हड़ताल से उठ गए। इस दौरान विक्रम सहोता, रिंपी, गौरव, बलकार, राजेश अधोया, गोल्डी, अशोक समेत अन्य सफाईकर्मियों ने ठेकेदार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। वहीं इस संबंध में नगर पालिका के सचिव राजेश कुमार ने बताया कि ठेकेदार ने सफाईकर्मियों की सैलरी दे दी है और उन्होंने हड़ताल समाप्त कर दी है।