जिले में सैकड़ों स्वास्थ्य कर्मियों का वेतन पिछले करीबन तीन माह से रुका हुआ है। इन कर्मचारियों की दिवाली भी फीकी गई और अब नववर्ष भी फीका ही जाएगा। क्योंकि इन कर्मचारियों की माली हालत बहुत ज्यादा खराब हो चुकी है। आलम यह है कि कर्मचारियों में रोष बढ़ता जा रहा है, लेकिन उनकी परेशानी की ओर न तो आला अफसर गंभीरता दिखा रहे हैं और न ही सरकार।
उल्लेखनीय है कि स्वास्थ्य महकमे में केंद्र सरकार के अंतर्गत एनआएचएम के तहत सैंकड़ों कर्मचारियों की नियुक्तियां विभिन्न कामों के लिए की थी। एनआरएचएम के तहत ही इन कर्मचारियों के वेतन का बजट राज्य सरकार को आता है और फिर इसी से कर्मचारियों का वेतन दिया जाता है। दरअसल, इस बजट का साठ फीसदी केंद्र सरकार खर्च करती है और चालीस फीसदी राज्य सरकार खर्च करती है।
विभागीय सूत्र बताते हैं कि राज्य सरकार को इसी संबंध में केंद्र सरकार से मिलने वाले बजट का यूटीलाइजेशन सर्टिफिकेट भेजना था, जो अभी तक केंद्र सरकार को नहीं भेजा गया है, इसीलिए केंद्र सरकार की ओर से इस मद में बजट रीलिज होने से रूका हुआ है और इसी वजह से स्वास्थ्य कर्मियों का वेतन रूका हुआ है। अंबाला में नोडल अधिकारी नीलम डोगरा ने बताया कि इस बारे में आला अफसर भी चिंतित हैं। उनके अनुसार अफसरों को भी केंद्र सरकार की ओर से रीलिज होने वाले बजट का इंतजार है। उम्मीद है जल्द ही सैलरी रीलिज होगी।
कर्मचारियों में पनप रहा है गुस्सा
उधर, स्वास्थ्य कर्मियों का कहना है कि उनके घरों की
माली हालत बिना वेतन के बहुत खराब हो चुकी है। उनके अनुसार दिवाली, दशहरा व अन्य पर्वों पर उन्हे बेहद आर्थिक संकट से जूझना पड़ा। जबकि बच्चों की फीस और अन्य घरेलू काम भी अव्ब ञबिना वेतन के प्रभावित होने लगे हैं। कर्मचारियों के अनुसार वे अपना दुखड़ा सेहत मंत्री से लेकर आला अफसरों तक रो चुके हैं, लेकिन अभी तक उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई है। उनके अनुसार अब नववर्ष भी आना वाला है, लेकिन अभी तक उन्हे वेतन मिलने के कोई आसार नहीं दिख रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की है कि वे जल्द से जल्द एनआरएचएम के तहत रखे गए कर्मचारियों का वेतन रीलिज करवाएं।
अंबाला में रखे गए हैं ये कर्मचारी
एनआरएचएम के तहत अंबाला में रखे कर्मचारियों में 800 आशा वर्कर, 170 लेखा सहायक, 145 एएनएम, 19 आयुष मेडिकल अफसर, ईएमटी 37, काउंसलर 13, ब्लाक आशा समन्वयक 4, कंप्यूटर साहयक 6, डाटा एंट्री आपरेटर 8, सूचना तंत्र कर्मी 20, एलटी 10, मेडिकल अफसर 8, फार्मासिस्ट 18, स्टाफ नर्स 101, चालक 68, चतुर्थ श्रेणी कर्मी 6, जिला डैम मैनेजर एक समेत अन्य कर्मचारी शामिल है।