अंबाला सिटी। अंबाला में सरकार की तरफ से हर प्रकार की सुविधाओं से सुसज्जित बेहतरीन इंडस्ट्रियल मॉडल टाउनशिप (आईएमटी) बनाया जाएगा। इस टॉउनशीप के लिए एचएसआईआईडीसी को अंबाला शहर के तीन गांवों की करीब 850 एकड़ जमीन उपयुक्त लगी है। इस टॉउनशीप के लिए ई-भूमि पोर्टल पर 426 किसानों ने करीब 2076 एकड़ जमीन ऑफर की हैं।
उपायुक्त पार्थ गुप्ता ने कहा कि प्रदेश सरकार ने अंबाला में इंडस्ट्रियल टॉउनशीप बसाने का एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। इस योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए प्रदेश सरकार के आदेशानुसार एचएसआईआईडीसी ने किसानों से जमीन उपलब्ध करवाने के लिए ऑफर किया।
इस ऑफर के बाद अंबाला शहर के गांव नग्गल के किसानों ने करीब 300 एकड़, नडियाली के किसानों ने करीब 513 एकड़ और गांव खैरा के किसानों की लगभग 23 एकड़ जमीन आईएमटी के लिए उपयुक्त लगी हैं। इस जिले के लगभग 426 किसानों ने 2076 एकड़ जमीन आईएमटी परियोजना के लिए ऑफर किया हैं।
जमीन के भाव ठीक करने को डीसी को दी जिम्मेदारी
एचएसआईआईडीसी की तरफ से आईएमटी के लिए 6000 एकड़ जमीन अंबाला जिले में खरीदने के लिए किसानों को अवसर दिया है। इस परियोजना को लेकर 30 जुलाई को चंडीगढ़ में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक बैठक का भी आयोजन किया गया था।
इस बैठक में इन तमाम पहलुओं को लेकर चर्चा की गई। इस बैठक में यह विषय सामने आया कि प्रशासन की तरफ से अंबाला में जमीन का कलेक्टर रेट 34 लाख रूपये प्रति एकड़ है लेकिन किसानों ने जमीन के भाव ज्यादा लगाए हैं। इसलिए किसानों से इस जमीन के भाव को ठीक करने के लिए उपायुक्त को जिम्मेवारी सौंपी है।
किसान जमीन बेचने को ऑफर करें : डीसी
उपायुक्त ने किसानों से अपील की है कि अंबाला में आईएमटी के लिए जमीन बेचने के लिए ऑफर कर सकते हैं। इस जमीन का सरकार की तरफ से निर्धारित दरों पर भाव भी दिया जाएगा। इस जिले में आईएमटी प्रोजेक्ट बनने के बाद लोगों को बहुत फायदा होगा। इससे रोजगार के अवसर पैदा होंगे और व्यापारियों और उद्योगपतियों को एक ही टाउनशिप में तमाम सुविधाएं मिल पाएंगी। इस टाउनशिप में उद्योगों के लिए प्लाॅट तो दिए ही जाएंगे, इसके साथ मार्केट और रिहायशी प्लाटों की भी सुविधा दी जाएगी। यह टाउनशिप अपने आप में एक शहर जैसा होगा। इसमें तमाम सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएगी।