अंबाला। गृह मंत्री अनिल विज ने सभी जिलों के उपायुक्त, पुलिस आयुक्त, पुलिस अधीक्षक और जिला पुलिस आयुक्त को निर्देश दिए हैं कि गृहमंत्री कार्यालय द्वारा पुन पड़ताल के लिए भेजी जाने वाली शिकायतों को अन्य डीएसपी को भेजा जाए। साथ ही इन शिकायतों को तीन महीने के भीतर निपटाने का प्रयास करें।
गृह मंत्री अनिल विज ने कहा कि हर तीन महीने के बाद इस बारे में एक समेकित रिपोर्ट उनको प्रस्तुत की जाए ताकि केसों का आकलन किया जा सके कि मामलों पर क्या कार्रवाई चल रही है। विज ने यह निर्देश वीरवार को वायरलेस मैसेज के माध्यम से सभी पुलिस के आला अधिकारियों को दिए। साथ ही इसकी एक प्रति गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को भी प्रेषित की है।
गृह मंत्री विज ने संदेश में लिखा है कि यह देखा गया है कि इस कार्यालय से दोबारा पड़ताल के लिए अग्रेषित की जाने वाली सभी शिकायतें उसी अधिकारी या कर्मचारी को भेजी जा रही हैं, जिसके द्वारा पहले ही मामला निपटाया जा चुका है। इससे दोबारा पड़ताल का उद्देश्य पूरा नहीं होता है। उन्होंने संदेश में आगे निर्देशित किया है कि इसलिए वह चाहेंगे कि सभी डीसी, सीपी, एसपी और डीसीपी भी उनके द्वारा भेजी गई ताजा सार्वजनिक शिकायतों में व्यक्तिगत रुचि लें। इसके अलावा, यह वांछित है कि इन शिकायतों को अन्य डीएसपी को भेजा जाए। इसके बाद गृहमंत्री ने सुबह अंबाला में अपने आवास पर पहुंचे फरियादियों की समस्याएं सुनी और कार्रवाई के निर्देश दिए।
मर्डर केस में बेटे का झूठा नाम जोड़ रही पुलिस
फरीदाबाद से पहुंचे एक व्यक्ति ने कहा कि 13 दिसंबर को एनआईटी थाना एरिया में लड़ाई-झगड़े में राजेश नाम के युवक की मौत हुई थी। पुलिस ने मृतक के परिजनों के बयान पर नईम, राजन व प्रदीप के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया था लेकिन सेक्टर-30 सीआईए नईम के कहने पर उसके बेटे गौरव का नाम जोड़ रही है। मृतक के परिजनों ने उसके बेटे का कहीं नाम नहीं लिया। गृह मंत्री ने स्टेट क्राइम से जांच कराने के निर्देश दिए।
युवक की हत्या
जीरकपुर से पहुंची एक महिला ने कहा कि वह पिछले एक साल से न्याय के लिए भटक रही है। डीएसपी, एसपी और डीजीपी तक वह मिल चुकी है। महिला ने बताया कि चार दिसंबर 2022 की शाम को पीपली पुलिस थाने से उसे सूचना मिली थी कि आपके बेटे सुमित ने बस स्टैंड पीपली के पास एफसीआई गोदाम के नजदीक पेड़ से फंदा लगा सुसाइड कर लिया है। पुलिस ने उसके बेटे की जेब से मोबाइल, पर्स बरामद किया था लेकिन उसके पर्स में एटीएम कार्ड, पासपोर्ट समेत अन्य दस्तावेज नहीं मिले। यही नहीं, मोबाइल में सिम कार्ड नहीं मिला। उसने हत्या की आशंका जताते हुए मामले की जांच कराने की गुहार लगाई थी। पुलिस ने इत्तेफाकिया कार्रवाई करते हुए मामला रफा-दफा कर दिया। गृह मंत्री ने मामले की स्टेट क्राइम से जांच कराने के निर्देश दिए हैं।
बेटा-बहू करते हैं मारपीट
अंबाला कैंट से एक सेवानिवृत्त फौजी पत्नी के साथ पहुंचा। यहां शिकायत सौंपते हुए आरोप लगाया कि उसका बेटा और बहू मारपीट करते हैं। पुलिस को शिकायत सौंपी है लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। गृह मंत्री ने तुरंत संज्ञान लेते हुए डीएसपी के जरिये महेश नगर थाना प्रभारी को कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
एसपी से मांगा स्पष्टीकरण
रोहतक से पहुंचे परिजनों ने आरोप लगाया कि रोहतक सीआईए-2 ने उनके बेटे को बिना किसी कारण गोली मार दी और उसी के बेटे के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। इस मामले में गृह मंत्री ने एसआईटी गठित कर जांच करने के निर्देश दिए। वहीं मिस्त्री की शिकायत पर बिजली ठेकेदार के खिलाफ रोहतक में मुकदमा दर्ज न करने पर एसपी से स्पष्टीकरण मांगा है। इसी प्रकार एक अन्य मामले में नारकोटिक सेल के खिलाफ आई शिकायत पर एसपी हिसार को जांच करने के निर्देश दिए हैं।