अंबाला कैंट। कैंट पक्की सराय के लोगों ने एक माह तक पानी की किल्लत झेलने के बाद रविवार को अंबाला-दिल्ली हाईवे जाम कर दिया।
करीब दो घंटे तक रोड पर वाहनों की आवाजाही ठप रही जिस कारण लगभग पांच किलोमीटर तक वाहनों की कतारें लग गईं। जाम हटाने में अधिकारियों के पसीने छूट गए। मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों और जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के आश्वासन के बाद लोगों ने जाम खोला।
यह है मामला : कैंट पक्की सराय में सैकड़ों परिवार रहते हैं, जो करीब एक माह से पेयजल किल्लत से परेशान हैं। इन परिवारों को एक तो पानी समय पर नहीं मिलता और दूसरा कई बार तो सप्लाई होती ही नहीं है। इसी को लेकर ये परिवार काफी समय से परेशान हैं। यहां के लोगों ने अधिकारियों से भी समस्या के समाधान की गुहार लगाई लेकिन जब कोई कार्रवाई नहीं हुई तो गुस्साए लोगों ने सड़क पर जाम लगा दिया।
अधिकारी मनाते रहे, लोग अड़े रहे
जाम लगाए जाने की सूचना मिलने के बाद अधिकारियों के भी हाथ-पांव फूल गए। मौके पर एसीपी कैंट राहुल देव, पड़ाव थाना एसएचओ राजपाल, महेश नगर थाना एसएचओ रजनीश यादव, कैंट थाना एसएचओ राजीव, एक्सईएन एमके राणा सहित पुलिस बल मौके पर पहुंचा। अधिकारियों ने जाम लगाए लोगों को समझाने की कोशिश की, लेकिन लोग नहीं माने। करीब दो घंटे तक अधिकारियों और जाम लगाए बैठे लोगों में बात चलती रही। इस दौरान करीब पांच किलोमीटर तक गाड़ियां फंस गईं।
प्रदर्शनकारियों ने यह कहा
कैंट पक्की सराय के निवासी चेतराम, आशा देवी, सीमा, लक्ष्मी, किरण, निर्मला देवी, कमलेश, उमा देवी, शकुंतला, रानी, मधु, सीता देवी, उषा, पूजा, कमल, विमला, नीरू शर्मा ने कहा कि वे लोग एक महीन से पेयजल किल्लत झेल रहे हैं। अधिकारी के पास जाते हैं, तो आश्वासन मिलते हैं लेकिन समस्या का हल नहीं होता। सप्लाई में कई बार गंदा पानी आता है जिस कारण बच्चे बीमार हो रहे हैं।
समीक्षा बैठकों का क्या फायदा डीसी साहब?
प्रशासन हर माह विभागों की समीक्षा बैठक का आयोजन करता है। बैठक में विभाग की गतिविधियों पर चर्चा होती है। बैठक में डीसी की ओर से हर विभाग को निर्देश दिए जाते हैं कि वे जनता की समस्याओं पर तुरंत कार्रवाई करें लेकिन रविवार को जनस्वास्थ्य विभाग के खिलाफ भड़के लोगों के गुस्से ने साफ कर दिया कि इन समीक्षा बैठकों का विभागों के अधिकारियों पर कोई असर नहीं है। इन बैठकों में अधिकारी सिर्फ प्रशासन के आगे अपनी कामयाबी की गाथा ही रखते हैं, जबकि जमीनी सतह पर इन विभागों से जनता इतनी परेशान है कि सुविधा हासिल करने के लिए जाम तक लगाना पड़ता है। डीसी साहब, जरा गौर कीजिए, यदि ये अधिकारी आपकी नहीं सुनेंगे तो जनता की क्या सुनेंगे।
मौके पर पहुंचे जनस्वास्थ्य विभाग के एक्सईएन एमके राणा ने कहा कि समस्या का हल जल्द किया जाएगा। फिलहाल जब तक काम पूरा नहीं होता, तब तक विभाग वाटर टैंकर के जरिये लोगों को पानी देगा।