- एंड्रोइड फोन के मोबाइल नेटवर्क पर काम नहीं कर रही वेबसाइट, कंपनी प्रतिनिधि ने कहा ठीक करने का काम जारी
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। पुराने वाहनों को हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट नहीं मिल पा रही है। 10 दिनों से एचएसआरपी की आधिकारिक वेबसाइट में दिक्कत आ रही है। साइट को चलाने वाले कंपनी के प्रतिनिधि का कहना है कि कुछ दिन पहले साइट हैक हो गई थी। इसके बाद इसे ठीक करने का काम लगातार जारी है। अब दिक्कत यह है कि आईफोन यूजर्स ही इसका प्रयोग कर पा रहे हैं। एंड्रोइड फोन में मोबाइल नेटवर्क पर साइड खुल ही नहीं रही है। जबकि अगर फोन को किसी वाईफाई से जोड़ दिया जाए तो साइट खुल रही है। इस दिक्कत ने लोगों के लिए परेशानी खड़ी कर दी है। क्योंकि वाहन चालकों को नंबर प्लेट नहीं मिल रही।
नए वाहनों और वर्ष 2019 से पहले के वाहनों के लिए दो अलग पोर्टल हैं। नए वाहनों के लिए कंपनी आवेदन करती है तो पुराने के लिए वाहन मालिक को बुकमाई एचएसआरपी डॉट काम पर आवेदन करना होता है। यह साइट कभी चल जाती है तो कभी रुक जा रही है। एंड्रोइड मोबाइल नेटवर्क पर तो यह खुल ही नहीं रही है। वेबसाइट को चलाने वाली कंपनी रोजमाटा के जिला इंचार्ज अमित ने बताया कि कुछ समय पहले साइट साइबर हैकिंग का शिकार हो गई थी। इसे ठीक कर लिया गया है। मगर एंड्रोइड फोन पर मोबाइल नेटवर्क से चलाने में दिक्कत आ रही है जिसे ठीक किया जा रहा है।
प्रदेशभर में आ रही दिक्कत
इस समस्या के कारण प्रदेशभर में वाहन चालकों को नंबर प्लेट नहीं मिल पा रही है। हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट न मिलने से अब लोगों को चिंता सताने लगी है। लोगों का कहना है कि बिना हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट के पुलिस चालान करने पर उतारू है। वह वाहन चालक की दलीलें भी नहीं सुन रहे हैं।
फीस कट रही न पोर्टल खुल रहा
वाहन की नंबर प्लेट के लिए ऑनलाइन पोर्टल पर जाकर आवेदन करना होता है। प्रक्रिया के दौरान दोपहिया वाहनों के लिए लगभग 400 रुपये और चौपहिया वाहनों के लिए 800 रुपये की फीस ऑनलाइन जमा की जाती है। फीस कटने के एक सप्ताह से 10 दिन के भीतर नंबर प्लेट होम डिलीवरी के माध्यम से घर पहुंचती है। एक महीने से पोर्टल पर भुगतान की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही है। पोर्टल लॉग-इन करते ही एरर दिखा रहा है जिससे लोग न तो नई प्लेट के लिए अप्लाई कर पा रहे हैं और न ही पुरानी बुकिंग का स्टेटस चेक कर पा रहे हैं। वाहन चालकों का कहना है कि वह कई दिनों से कैफे और मोबाइल के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन वेबसाइट नहीं खुल रही। सड़कों पर निकलते ही पुलिस कहीं रोक न ले इसलिए चालान कटने का डर सता रहा है।