शुगर मिल, नारायणगढ़ से किसानों को करोड़ों रुपये की बकाया राशि का मामला फिर हाईकोर्ट पहुंच गया है। कुछ गन्ना किसानों ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। इसमें प्रदेश सरकार, केन कमिश्नर, अंबाला के उपायुक्त व चीनी मिल को पार्टी बनाया गया है। हाईकोर्ट ने 10 सितंबर के लिए नोटिस जारी कर दिया है। गन्ना भुगतान में हो रही देरी से दुखी किसानों ने ब्याज सहित भुगतान करने की मांग की है।क्षेत्र के किसान बलबीर सिंह, हरिनंद, रामनिवास, कृष्ण चंद आदि ने अपनी याचिका में नारायणगढ़ की चीनी मिल से अपने लाखों रुपये के बकाया भुगतान की ब्याज सहित दिलाने की मांग की है। इन किसानों के मुताबिक उन्होंने चीनी मिल को इस पेराई सत्र में लाखों रुपये मूल्य का गन्ना दिया था। आढ़ती व अन्य जगहों से ऋण लेकर तैयार की गई गन्ने की इस फसल को मिल द्वारा खरीदे जाने के महीनों बाद भी उन्हें उनका भुगतान नहीं हो पाया है जिसके चलते वे आर्थिक रूप से टूट चुके हैं। याचिका में शुगर केन कंट्रोल ऑर्डर तथा पंजाब शुगर केन एक्ट व हरियाणा शुगर रूल-1993 का हवाला देकर मांग की गई है कि यदि चीनी मिल चौदह दिनों के भीतर गन्ने का भुगतान न करे तो किसानों को उनकी राशि ब्याज सहित मिलनी चाहिए।
पहले 79 किसान पहुंचे थे हाईकोर्ट, मिली थी राहत इससे पहले शुगर मिल नारायणगढ़ से जुड़े 79 किसानों ने हाईकोर्ट की शरण ली थी। इसी को लेकर हाईकोर्ट ने मिल प्रबंधन को इन 79 किसानों को उनकी बकाया पेमेंट देने के निर्देश दिए थे। हाईकोर्ट ने इस संबंध में मिल प्रबंधन के पदाधिकारी सहित डीसी को भी नोटिस जारी किया था। इसके बाद मिल प्रबंधन ने इन किसानों को ब्याज सहित उनका बकाया लौटाया था, जिसके बाद इन किसानों ने राहत की सांस ली।
शुक्रवार को हंगामे के आसार करोड़ों रुपये की पेमेंट के मामले में शुक्रवार को पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा किसानों के साथ धरने पर बैठेंगे। सूत्रों की मानें तो इस दौरान अच्छा खास हंगामा हो सकता है। इसी को लेकर प्रशासन भी सतर्क है। उल्लेखनीय है कि पेमेंट को लेकर पहले भी किसान सड़कों पर उतर चुके हैं, लेकिन फिर भी कोई राहत नहीं मिल पाई है। अंबाला में इस मुद्दे पर राजनीतिक माहौल गर्मा रहा है, जिससे हंगामे के आसार बढ़ रहे हैं।
नोटिस ऑफ मोशन जारी एडवोकेट सुखविंदर नारा ने बताया कि अपने बकाये को लेकर कुछ किसानों ने बुधवार को हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। इसी याचिका पर उच्च न्यायालय ने वीरवार को सभी पक्षों को 10 सितंबर के लिए नोटिस ऑफ मोशन जारी कर दिया है। प्रदेश सरकार, केन कमिश्रर, उपायुक्त अंबाला व चीनी मिल को यह नोटिस जारी किया गया है।
अभी और किसान जा सकते हैं हाईकोर्ट इसी मामले को लेकर अभी कईं और किसान हाईकोर्ट की शरण ले सकते हैं। सूत्रों के अनुसार करीब दो दर्जन किसान इसी को लेकर शुक्रवार को हाईकोर्ट का रुख कर सकते हैं। ऐसे में मिल प्रबंधन के लिए मुश्किलें बढ़ सकती है। इसके अलावा धरने पर बैठे किसान भी अब इसी मुद्दे पर अपनी आगामी रणनीति तय कर रहे हैं, ताकि उनको अपना बकाया जल्द से जल्द मिल सके।
धरना छठे दिन भी जारी भाकियू के जिला प्रधान रूप सिंह बख्तुआ ने कहा कि गन्ने की बकाया पेमेंट को लेकर भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले राज्यमंत्री नायब सैनी के पैतृक गांव मिर्जापुर में दिया जा रहा धरना वीरवार को छठे दिन में प्रवेश कर गया। जब तक गन्ना उत्पादकों को उनके गन्ने की पाई-पाई का भुगतान शुगर मिल द्वारा नहीं किया जाता तब तक उनका धरना प्रदर्शन जारी रहेगा।