संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। धान की खरीद शुरू होते ही मंडियों में किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। मोहड़ा स्थित नई अनाज मंडी में फसल बेचने पहुंच रहे किसानों को गेट पास न बनने और पोर्टल पर सत्यापन न होने के कारण परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा संकट अंबाला और शाहबाद के सीमावर्ती गांवों के किसानों और बंपर पैदावार हासिल करने वाले काश्तकारों पर मंडरा रहा है।
छावनी की मोहड़ा स्थित नई अनाज मंडी में शुक्रवार देर शाम तक एक लाख 11 हजार क्विंटल धान पहुंची, इसके अलावा 22 हजार क्विंटल धान की खरीद हो चुकी है, जबकि 1055 गेट पास बन चुके हैं। गेट पास बनने में देरी से किसानों को घंटों तक इंतजार करना पड़ रहा है। इसके अलावा मंडी में पर्याप्त जगह न होने से किसानों को सड़कों पर धान की फसल को सुखाना पड़ रहा है। वहीं सरकार की ओर से धान खरीद में तय किए गए मानकों पर भी किसानों में नाराजगी है। किसानों ने कहा कि सरकार हर दिन धान खरीद को लेकर नए-नए फरमान जारी कर रही है। खेती में लगातार बढ़ती परेशानियों के कारण ही आज की युवा पीढ़ी इससे दूरी बना रही है और वह खुद को खेती करने वाली आखिरी पीढ़ी मान रहे हैं।
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सरकार की सीमा से बाहर का धान कहां बेचें
गांव रामनगर निवासी किसान कुलवंत सिंह ने बताया कि पिछले साल की तुलना में इस बार धान की फसल काफी अच्छी हुई है। प्रति एकड़ 32 से 35 क्विंटल तक की पैदावार मिल रही है। सरकार की ओर से तय की गई खरीद की औसत सीमा इस पैदावार से कम है। उन्होंने कहा कि इस प्रति एकड़ सीमा से अतिरिक्त बची हुई फसल को किसान कहां लेकर जाएंगे। सरकार को बंपर पैदावार को देखते हुए खरीद व्यवस्था में भी जरूरी बदलाव करने चाहिए।
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15 साल से मोहड़ा मंडी आ रहे, इस बार गेट पास अटका
दऊमाजरा निवासी किसान बलबिंदर सिंह ने बताया कि पोर्टल और प्रशासनिक सीमाओं के फेर में अंबाला और शाहबाद के बीच बसे कुरुक्षेत्र जिले के आखिरी गांवों के किसान फंसे हुए है। उन्होंने बताया कि वह पिछले 10 से 15 वर्षों से अपनी उपज लेकर मोहड़ा की नई अनाज मंडी में आते रहे हैं और उनके आढ़ती भी यहीं बैठते हैं लेकिन इस बार सीमावर्ती गांव होने के कारण पोर्टल पर तकनीकी अड़चनों और सत्यापन न होने से उनके गेट पास ही जारी नहीं हो रहे। उन्होंने कहा कि पोर्टल की तकनीकी कमियों को जल्द दूर किया जाए और सीमावर्ती गांवों के किसानों को पारंपरिक मंडियों में फसल बेचने की छूट दी जाए।
मंडी में पोर्टल के नियम के अनुसार निकटवर्ती किसानों को गेट पास बनवाने में दिक्कत आ रही है। ऐसे में उन्हें अपने जिले की मंडियों में जाना चाहिए। - नीरज भारद्वार, सचिव, नई अनाज मंडी मोहडा, अंबाला छावनी।
कुलवंत सिंह- फोटो : udhampur news
कुलवंत सिंह- फोटो : udhampur news