अंबाला सिटी। जिले में पिछले 24 घंटे में 93.7 मिलीमीटर बारिश होने से जहां गर्मी से राहत मिली। वहीं शनिवार व रविवार की रात में हुई बारिश से अंबाला शहर और छावनी में कई स्थानों पर जलभराव हो गया। अंबाला शहर में नदी मोहल्ला, कपड़ा मार्केट, शुक्लकुंड रोड, पुरानी दिल्ली रोड समेत अन्य जगहों पर बारिश का पानी जमा होने से लोगों को काफी परेशानी हुई। हालांकि जलभराव वाले क्षेत्र में पहुंची नगर निगम की टीम ने रविवार दोपहर तक ज्यादातर जगहों से पंप के माध्यम से पानी को उतारवाया।
बारिश के कारण छावनी के सदर बाजार में सब पोस्ट ऑफिस के बाहर दुकान का छज्जा गिर गया। यह दुकान लंबे समय से बंद थी। इसी तरह बराड़ा व नारायणगढ़ क्षेत्र में रूक-रूककर बारिश होती रही। मुलाना के मारकंडा नदी में पहाड़ों में हुई बरसात के बाद साढ़े 8 हजार क्यूसेक पानी दर्ज किया गया। इससे हेमा माजरा गांव की फिरनी पर पानी भर गया। जबकि टांगरी में 6200 क्यूसिक पानी आया था। सढौरा के पास नकटी नदी में भी जलस्तर बढ़ने के कारण गोला व आसपास के गांव के खेतों में पानी घुस गया। संवाद
-
चालक ने कार की छत पर चढ़कर मांगी लोगों से मदद
रविवार दोपहर 12 से 2 बजे तक भी जिले में कई जगहों पर बारिश हुई। इस वजह शहर के निचले इलाकों में जलभराव हो गया। निगम की ओर से लगाए गए पंप को चलाया गया। शहर में इंको चौक के पास रेलवे अंडरपास में जलभराव होने के कारण एक कार फंस गई। चालक ने कार की छत पर चढ़कर लोगों से मदद मांगी। करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद ट्रैक्टर की मदद से कार को निकाला गया। इसके बाद भी लगातार वाहनों का अंडरपास के नीचे फंसे का सिलसिला चलता रहा। इनमें दोपहिया से लेकर चौपहिया वाहन तक शामिल थे। इस तरह से अंबाला कैंट के माया वाला चौक पर जलभराव के कारण लोगों को सड़क का गहरा गड्ढा दिखाई नहीं दे रहा था। जिस कारण साइकिल, बाइक व ई-रिक्शा के पहिये फंसने के कारण लोग गिरकर चोटिल हो गए। आखिर में एक दुकानदार द्वारा गड्ढे के पास ही पत्थर रखकर लोगों को सचेत लिया।
इन जगहों पर जलभराव के कारण आई दिक्कत
शहर के नदी मोहल्ला, कपड़ा मार्केट, शुक्लकुंड रोड, पुरानी दिल्ली रोड पर प्रेम नगर, मॉडल टाउन, टीबी अस्पताल रोड में जलभराव हो गया। इसी तरह छावनी में माया वाला चौक, डाक्टर कौशिक क्लीनिक के पास चौक, नागरिक अस्पताल के सामने, सुभाष पार्क, न्यू जनकपुरी, एकता विहार, श्याम नगर, गीता कॉलोनी, बैंक कॉलोनी, पूजा विहार, गोबिंद नगर, सुभाष नगर, हाउसिंग बोर्ड, सोनिया कॉलोनी में जलभराव हो गया था। दोपहर में एक से दो बजे तक बारिश होने से फिर जलभराव हो गया।
-
मेयर प्रतिनिधि ने रात 2 बजे पहुंचकर पंप को चलवाया
बारिश होने पर शहर से पानी निकासी करवाने के लिए मेयर प्रतिनिधि व मनोनीत पार्षद संदीप सचदेवा सड़कों पर उतर गए। उन्होंने रात दो बजे तक शहर से पानी की निकासी करवाई। वहीं, वार्ड-10 नदी मोहल्ला में पार्षद मिथुन वर्मा से बातचीत के बाद पहुंचे। यहां सचदेवा ने रात को ही संसाधन उपलब्ध करवाकर पानी निकासी के लिए पंप को चलवाया। इसके बाद पानी निकल सका, हालांकि नदी मोहल्ला में मुख्य सड़क और कई गलियों में पानी जमा रहा। गलियों में कीचड़ होने से भी लोगों को आवाजाही में परेशानी रही। मनोनीत पार्षद संदीप सचदेवा ने बताया कि शहर में पानी निकासी की लड़ाई अकेली उनकी, भाजपा व कांग्रेस की नहीं, बल्कि पूरे अंबाला के नागरिकों की है। वहीं, मनोनीत पार्षद संदीप सचदेवा ने रविवार को राष्ट्रीय राजमार्ग 152-डी कालू माजरा के नजदीक शहर से बाहर पानी की निकासी का जायजा लिया।
एक मिनट में पंप से निकला 3 हजार लीटर पानी
शहर में वार्ड-10 से पार्षद मिथुन वर्मा ने बताया कि बारिश होने से नदी मोहल्ला क्षेत्र में जलभराव हो गया था। जैसे ही बारिश आई तो नगर निगम की टीम मौके पर पहुंची। यहां तीन पंप लगे हुए थे। यहां से पानी की निकासी सबमर्सिबल मोटर से होती है। उन्होंने निगम अधिकारियों से यहां जनरेटर उपलब्ध करवाने की मांग की थी, लेकिन यहां जनरेटर के कनेक्शन व पैनल नहीं जोड़े गए थे। उन्होंने मनोनीत पार्षद संदीप सचदेवा से भी बात की। वह रात में ही यहां पहुंचे। उन्होंने रात में यह जनरेटर इंस्टाल करवाया और उसे चलाया गया। उन्होंने बताया कि यह सबमर्सिबल एक मिनट में तीन हजार लीटर पानी की निकासी करता है।
अच्छी योजना व ईमानदारी से कार्य करें तो कुछ भी हो सकता है : मेयर सैलजा
मेयर सैलजा सचदेवा ने कहा कि कालूमाजरा के पास 152-डी पर नाले से पानी निकासी के लिए पाइपलाइन नहीं डाली गई है। इस पाइपलाइन को लेकर मनोनीत पार्षद संदीप सचदेवा ने निरीक्षण किया। इसे लाइन के डलने से हीरा नगर, डंगडेहरी, लिहारसा समेत कई क्षेत्रों से पानी निकलने पर फायदा होगा। शहर में निकासी के लिए सभी पंप चलाने की जरूरत नहीं पड़ी। इससे साबित हो गया है कि अगर अच्छी योजना, इच्छाशक्ति व ईमानदारी से कार्य किया जाए तो कुछ भी किया जा सकता है। उन्हें शहर से पानी निकासी के लिए 238 करोड़ प्रोजेक्ट की जरूरत नहीं है, वह शहर को 38 करोड़ से ही बाढ़मुक्त कर सकते हैं। जगाधरी गेट, श्मशान घाट सड़क पर थोड़ा पानी जमा रहा। इस कारण महावीर पार्क के तालाब को खाली न करना रहा।
-
वर्जन
शहर के ज्यादातर जगहों से पानी की निकासी सुचारू रूप से हो गई। कुछ क्षेत्र में ही पंप चलाने की जरूरत पड़ी। इस बार निगम की ओर से दो महीने पहले से ही कार्य कर नाले व ड्रेन की सफाई की गई।
राजकुमार, सहायक सेनेटरी इंस्पेक्टर, नगर निगम।