अंबाला। स्वास्थ्य विभाग की ओर से लोगों की सेहत जांच के लिए स्वास्थ्य मेले का आयोजन किया गया। हर सुविधाओं से लैस इस शिविर में सामान्य के साथ-साथ गंभीर बीमारियों को लेकर विशेष रूप से डॉक्टरों की टीम मौजूद रही। छावनी में नौ शिविरों में साढ़े पांव हजार के करीब लोग पहुंचे। इनकी जब शिविर में लैब जांच की गई और मरीजों की रिपोर्ट हाथ में आई तो स्वयं स्वास्थ्य विभाग हैरान रह गया। विभाग के अनुसार अगर सिर्फ तीन शिविर की ही रिपोर्ट देख लें तो 15 प्रतिशत तक लोग मधुमेह से पीड़ित पाए गए। इसके अलावा 16 प्रतिशत तक मरीजों में बीपी पाया गया है।
वहीं अगर कोलस्ट्रोल की बात करें तो 14 प्रतिशत तक मरीज इस बीमारी से ग्रस्त हैं। वहीं अगर ब्लड यूरिया की बात करें तो इसके मरीजों की संख्या 16 प्रतिशत से अधिक है। यूरिक ऐसिड से भी इतने ही प्रतिशत लोग परेशानी झेल रहे हैं। जो दवाइयों के माध्यम से उपचार करवा रहे हैं। ऐसी स्थिति केवल छावनी की है। संवाद
टीबी मुक्त की तरह ही अन्य योजना बना सकेगा विभाग
विभाग के पास मरीजों में बीमारी के आंकड़े आने के बाद अब विभाग जैसे टीबी मुक्ति को लेकर कार्य कर रहा है, उसी तरह से अन्य बीमारियों की रोकथाम और लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाने की योजना तैयार सकता है। डॉक्टरों की मानें तो शुगर, बीपी, कोलस्ट्रोल और यूरिक एसिड ही ऐसी बीमारियां है जो मुख्य रूप से शरीर पर बहुत अधिक प्रभाव डालती हैं। अगर लोग इन बीमारियों से सुरक्षित रह जाते हैं तो अन्य बीमारियों से भी काफी हद तक बचा जा सकता है।
बीमारी- गांव बोह- कलरेहड़ी- बब्याल
मधुमेह- 89- 126- 49
रक्तचाप- 100- 130- 53
कोलेस्ट्राल- 9- 105- 8
यूरिक एसिड- 59- 135- 43
स्वास्थ्य मेलों का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें मरीजों की बीमारियों को चिह्नित कर डाटा तैयार किया जा रहा है, ताकि मरीजों को सही उपचार मिल सके। -कुलदीप सिंह, सीएमओ