कोरोना से निपटने में स्वास्थ्य विभाग की सांसें फूल गई हैं। हालात ये हैं कि कोरोना के कारण जान गंवा चुके मृतकों को स्वास्थ्य विभाग दोबारा से मृतक घोषित करने लगा है। वीरवार को कुछ ऐसा ही कारनामा स्वास्थ्य विभाग ने कर दिया। बाकायदा इसकी प्रेस विज्ञप्ति भी जारी की गई।
दरअसल हुआ यूं कि बुधवार को साहा के 48 वर्षीय व्यक्ति और अंबाला सिटी जैन मंदिर के 61 वर्षीय पुरुष की कोरोना के जान गई थी। दोनों में से एक व्यक्ति वेंटिलेटर और दूसरा ऑक्सीजन सपोर्ट पर था। साथ ही दोनों को शुगर की भी समस्या थी। स्वास्थ्य विभाग ने वीरवार को भी इन्हीं दोनों को दोबारा से मृत दिखाते हुए रिकॉर्ड में 22 अप्रैल को भी इनकी मौत बता दी। इस बारे में जब सिविल सर्जन और नोडल अधिकारियों से बातचीत करनी चाही तो किसी ने भी फोन तक उठाना लाजमी नहीं समझा। दूसरी तरफ जिले में वीरवार को 260 नए केस सामने आए और 2 लोगों की मौत हो गई।
हालांकि यह मौत किन लोगों की हुई है, खुद स्वास्थ्य विभाग इससे बेखबर है। इस तरह अप्रैल माह में 30 लोगों की मौत कोरोना से हो चुकी है। अब तक जिले में 17 हजार 966 लोग कोरोना संक्रमित पाए जा चुके हैं। इनमें से 15 हजार 378 डिस्चार्ज हो चुके हैं। डिस्चार्ज होने वालों में वीरवार को डिस्चार्ज किए गए 171 मरीज भी शामिल हैं। इस समय जिले में 2397 एक्टिव मरीज हो गए हैं। लगातार कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ने से रिकवरी दर घटकर 85.60 फीसदी रह गई है। जिले में अभी तक 191 मरीज कोरोना से दम तोड़ चुके हैं। अभी तक के आंकड़ों की बात करें तो जिले में 3 लाख 29 हजार 63 कोरोना के सैंपल लिए जा चुके हैं। इनमें से 43 हजार 210 सैंपल एंटिजन किट से किए गए हैं, जबकि 2 लाख 59 हजार 753 आरटीपीसीआर से किए गए हैं।
यहां से आए नए केस
जिले में वीरवार को 105 मरीज अंबाला सिटी, 43 अंबाला कैंट से, 15 शहजादपुर से, 11 मुलाना, 20 बराड़ा, 2 नारायणगढ़, 64 चौड़मस्तपुर से आए हैं। खास बात यह है कि सबसे ज्यादा मरीज अंबाला सिटी और चौड़मस्तपुर क्षेत्र से आ रहे हैं। जिले में वीरवार को रतनगढ़, उगाला, पथरेहड़ी, धूलकोट, अशोक विहार से 3-3, नसीरपुर, रेल विहार अंबाला कैंट, निर्मल विहार अंबाला कैंट, सरसहेड़ी, रामनगर, मंडौर, सोनिया कॉलोनी, जंडली, सिंघावाला, बब्याल, जनकपुरी, वशिष्ट नगर अंबाला कैंट से 2-2, सेक्टर 10, बलदेव नगर से 6, सेक्टर 9 से 10, मॉडल टाउन, लक्ष्मी नगर से 4-4, कंचघर, मिलाप नगर, पटेल रोड, शिवपुरी कॉलोनी अंबाला कैंट से 1-1 केस सामने आया है।
सरकारी अस्पतालों में 88 मरीज ऑक्सीजन तो 9 वेंटिलेटर सपोर्ट पर
लगातार कोरोना के केस बढ़ने के कारण जिले सरकारी अस्पतालों में बेड की संख्या घटती जा रही है। इस समय जिले के सरकारी अस्पतालों में 88 कोरोना संक्रमित मरीज ऑक्सीजन सपोर्ट पर हैं। इसके अलावा 9 मरीज वेंटिलेटर सपोर्ट पर हैं। इनके अतिरिक्त मुलाना मेडिकल कॉलेज में करीब 15 मरीज वेंटिलेटर पर हैं। इस तरह जिले में इस समय 25 से ज्यादा मरीज वेंटिलेटर के सहारे सांसें ले रहे हैं, जबकि 120 से ज्यादा मरीज ऑक्सीजन सपोर्ट पर हैं। इस समय सरकारी अस्पतालों में केवल 63 बेड ही खाली रह गए हैं, जबकि इनमें करीब 230 बेड की व्यवस्था केवल कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए की गई है। अप्रैल माह की बात करें तो जिले में पिछले 22 दिन में 3871 कोरोना संक्रमित मिल चुके हैं यानी हर दिन 175 से ज्यादा केस संक्रमित मिले हैं। जिले में अप्रैल माह में कुल 12.5 प्रतिशत सैंपल कोरोना संक्रमित मिल रहे हैं, जबकि अभी तक कुल संक्रमित मरीजों का औसत 5.97 प्रतिशत है।
सुबह बैरंग लौटे मरीज, दोपहर को पहुंची वैक्सीन की खेप
जिले में सुबह कोरोना की सभी डोज खत्म हो चुकी थी। हालात यह हो गए थे कि अंबाला सिटी और कैंट में कोरोना से बचाव का टीका लगवाने वाले मरीजों को बैरंग लौटना पड़ा। सिविल सर्जन डॉक्टर कुलदीप सिंह ने बताया कि पुणे से चंडीगढ़ आने वाली फ्लाइट में देरी के चलते व्यवस्था कुछ देर गड़बड़ा गई थी, लेकिन हमने आस-पास के कस्बों से डोज मंगवाकर काम शुरू करवा दिया था और बाद में 12 हजार से अधिक डोज की खेप भी हमें मिल गई है। अब किसी भी प्रकार की दिक्कत नहीं है। जिले में अभी तक 2 लाख 72 हजार 284 को कोरोना से बचाव का टीका लगाया जा चुका है। इनमें से 50 हजार 115 को दूसरी डोज भी लग चुकी है, जबकि 2 लाख 20 हजार 169 को पहली डोज ही लगी है। जिले में इस समय 88.78 मरीज होम आइसोलेटेड हैं और 2 हजार 46 सैंपलों की रिपोर्ट आनी बाकी है।
मुझे अभी इस बारे में जानकारी मिली है। गलती से प्रेस विज्ञप्ति में ऐसा हो गया है। आज मौत किन लोगों की हुई है इस समय बता पाना थोड़ा मुश्किल है।
-डॉ. सुखप्रीत सिंह, नोडल अधिकारी, कोरोना।
ये है जिम्मेदार अधिकारियों का हाल
सिविल सर्जन डॉ. कुलदीप सिंह और उप सिविल सर्जन डॉ. संजीव सिंगला से जब बार-बार फोन कर इस विषय में बातचीत का प्रयास किया गया तो उन्होंने फोन तक उठाना लाजमी नहीं समझा, जबकि शहर से नोडल अधिकारी डॉ. राजेंद्र राय और छावनी से कोरोना नोडल अधिकारी डॉ. विशाल गुप्ता ने बताया कि हमें इस बारे में जानकारी नहीं होती कि किन मरीजों की मौत हुई है। इस बारे में डॉ. सुनील हरी ही बता सकते हैं, लेकिन डॉ. सुनील हरी भी फोन उठाना जरूरी नहीं समझते।
मामला अभी मेरे संज्ञान में आया है। यदि विभाग ने यह चूक हो भी गई थी तो निश्चित तौर पर पता चलने पर इसमें सुधार करवाना चाहिए। बिना पढ़े प्रेस विज्ञप्ति भी जारी नहीं होनी चाहिए। निश्चित तौर पर ऐसा है तो यह लापरवाही है इस पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. अशोक कुमार, डीसी अंबाला