अंबाला सिटी। अब वेंटिलेटर की कमी के चलते जिले में मरीज की जान नहीं जाएगी। न ही किसी मरीज को वेंटिलेटर के लिए चंडीगढ़ जाना पड़ेगा। इतना ही नही प्राइवेट अस्पताल में जाकर अपनी जेब भी किसी को नहीं कटवानी पड़ेगी। क्योंकि जिला नागरिक अस्पताल में अब इस सुविधा की शुरूआत कर दी गई है। जहां ये सुविधा एकदम निशुल्क दी जाएगी। जिला नागरिक अस्पताल में एक नहीं बल्कि एक साथ दो वेंटिलेटर इंस्टाल कर दिए गए हैं। इतना ही नहीं इनको चलाने के लिए अलग से स्टाफ की जिम्मेदारी भी लगा दी गई है। इसके साथ-साथ एनेथेसिस्ट को भी जूम के जरिए प्रशिक्षण दे दिया गया है। बता दें कि कोरोना के मरीजों को भी कई बार वेंटिलेटर की जरूरत पड़ जाती है।
तीन नागरिक अस्पताल किसी भी नहीं थी सुविधा
बता दें की पंचकूला को छोड़कर आसपास के किसी भी जिले में 3 नागरिक अस्पताल नहीं हैं। बावजूद इसके किसी भी अस्पताल में वेंटिलेटर की सुविधा नहीं थी। 65 करोड़ की लागत से बनाए गए छावनी नागरिक अस्पताल में भी यह सुविधा आज तक नहीं है। इसी कारण हादसे में घायल मरीज जो जिनके हार्ट, लंग और ब्रेन आपस में सामंजस्य स्थापित नहीं कर पाते या फिर कोमा में चल जाते हैं ऐसे मरीजों को जिंदा रखने के लिए कृत्रिम जीवन रक्षक प्रणाली यानी वेंटिलेटर पर रखा जाता है। लेकिन अस्पताल में यह सुविधा नहीं होने के कारण ऐसे मरीजों को या तो पीजीआई रेफर करना पड़ता था या फिर प्राइवेट अस्पताल में ऐसे मरीजों के परिजनों को अपनी जेब कटवानी पड़ रही थी। लेकिन अब जिला नागरिक अस्पताल में यह सुविधा निशुल्क मिलेगी।
दो हुए इंस्टाल, 4 के लिए अभी करना होगा इंतजार
शहर जिला नागरिक अस्पताल के ट्रामा सेंटर की आईसीयू यूनिट में 2 और एक वेंटिलेटर ऑपरेशन थियेटर में इंस्टाल कर दिया गया है जबकि 4 अन्य वेंटिलेटर अस्पताल में पड़े हैं। इनमें से दो वेंटिलेटर ऑपरेशन थियेटर में जल्द ही लगाने की योजना है जबकि दो के लिए अभी जगह का चयन किया जा रहा है। बता दें कि गुरुग्राम के व्यक्ति ने जिले में करीब 8 वेंटिलेटर दान दिए थे। इनमें से दो वेंटिलेटर अंबाला छावनी नागरिक अस्पताल में पड़े हैं। इन्हें कब इंस्टाल किया जाएगा इस बारे में कोई जानकारी नहीं है।
फिलहाल हमने ट्रामा सेंटर के आईसीयू यूनिट दो वेंटिलेटर इंस्टाल कर दिए हैं जबकि दो वेटिंलेटर को हम जल्द ही ओटी में इंस्टाल करवा देंगे। जहां तक दो अन्य वेंटिलेटर की बात है तो उन्हें भी जल्द इंस्टाल करवाने की प्रक्रिया चल रही है।
-डॉक्टर विजय वर्मा, आरएमओ।