स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज के जिला नागरिक अस्पताल में प्रसूता दर्द से करहाती रही लेकिन बेरहम स्टाफ का दिल नहीं पसीजा। गर्भ में पल रहे बच्चे के साथ मां की जिंदगी भी खतरे में थी। ऊपर से रात का अंधेरा। प्रसव पीड़ा से तड़प रही पत्नी ने मदद के लिए अस्पताल में पति को आवाज लगाई। पति काशीराम मौके पर पहुंचे। शौचालय में पत्नी विनिता फर्श पर पड़ी तड़प रही थी। आधा बच्चा गर्भाश्य के भीतर और आधा बाहर आ चुका था। पत्नी की हालत देख पति सहम गया। कुछ ही देर में पत्नी बेहोश होकर वहीं गिर गई। कहीं से मदद न मिलने पर पत्नी और बच्चे को बचाने के लिए काशीराम ने गर्भाश्य के बाहर आए हुए बच्चे को अपने हाथ से पकड़ा और धीरे-धीरे बाहर निकाल लिया। काशीराम ने कपड़े से शिशु को लपेट लिया। इसके बाद अन्य प्रसूताओं के तिमारदार और अस्पताल स्टाफ मौके पर पहुंच गया। इसके बाद बच्चे की गर्भाश्य नाल शौचालय में ही काटी गई।
क्या है पूरा मामला
दरअसल शुक्रवार शाम करीब सात बजे आशीर्वाद गार्डन अंबाला शहर में रहने वाली विनिता को अंबाला शहर के जिला नागरिक अस्पताल में डिलीवरी के लिए भर्ती करवाया था। रात को करीब एक बजे उसे प्रसव पीड़ा तेज शुरू हो गई। प्रसव पीड़ा से तड़प रही विनिता ने अपने पति काशीराम को आवाज लगाई। काशीराम प्रसूता विभाग के सामने वाली गैलरी में खड़ा था। पत्नी की पीड़ा भरी आवाज को सुनकर उसने मौके पर तैनात गार्ड से दरवाजा खोलने की गुहार लगाई ताकि प्रसूता विभाग में जाकर पत्नी को संभाल सके। लेकिन गार्ड ने एक न सुनी ओर यह कहकर इंकार कर दिया कि मर्दों का अंदर जाना मना है। यदि अंदर ही जाना है तो नीचे जाकर लिफ्ट के जरिये से जाओ यहां से मैं नहीं जाने दूंगा। इस पर काशीराम अपने तीन साल के बेटे को गोद में उठाकर प्रथम तल से नीचे भागा। कड़ी मशक्कत के बाद काशीराम लिफ्ट से प्रसूता विभाग में पहुंचा। उस समय पत्नी विनीता प्रसूता विभाग के शौचालय में बेहोश पड़ी थी।
तुम्हारा बच्चा है तुम ही देखो
डिलीवरी हो चुकी थी। विनिता को उठाकर प्रसूता विंग में ले जाया जा चुका था। यहां पर काशीराम ने जब स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि आपके हवाले मैंने पत्नी को छोड़ा था। इस पर स्टाफ ने कहा कि तुम्हारा बच्चा है तुम्हीं देखो, किसी महिला को यहां साथ लेकर क्यों नहीं आए थे। पूरे मामले की शिकायत काशीराम ने उच्चाधिकारियों को भी कर दी है।
रात को कई महिलाओं की डिलीवरी की गई है। इसीलिए भीड़ ज्यादा थी। विनिता को भी टेबल पर लेटाया गया था लेकिन वह उठाकर चली गई। पूरे मामले की जांच करवाई जाएगी। जांच के बाद ही पता चल पाएगा कि किसकी लापरवाही रही। फिलहाल जच्चा-बच्चा दोनों सुरक्षित हैं।
डॉ. सीमा, आरएमओ जिला नागरिक अस्पताल।