गुरुग्राम में संतोष ट्रॉफी के लिए होने वाले ट्रायल में हिस्सा लेते हुए खिलाड़ी
अंबाला। डॉ. बीसी रॉय जूनियर नेशनल फुटबॉल ट्रॉफी के लीग मुकाबले में ही हरियाणा की टीम हारने के बाद निराश होकर वापस लौट आई। यह ओडिशा में हुई थी। खिलाड़ी की निगाह अब पंजाब के भगवाड़ा में होने वाली संतोष ट्रॉफी पर टिक गई है। यह नौ से 19 अक्टूबर तक चलेगी।
इस ट्रॉफी में हरियाणा की सीनियर फुटबॉल खिलाड़ियों की टीम बनाने के लिए गुरुग्राम के ताऊ देवी लाल स्टेडियम में तीन दिवसीय ट्रायल रखे गए है। प्रदेशभर से लगभग 200 खिलाड़ियों ने हरियाणा टीम में चयनित होने के लिए ट्रायल दिया। ऐसे में अंबाला से भी करीब आधा दर्जन खिलाड़ी शुक्रवार को सुबह रवाना हुए और ट्रायल देखकर अपना दमखम दिखाया ताकि वह हरियाणा की टीम में हिस्सा ले सकें। अंबाला से जाने वाले खिलाड़ियों में आशीष कुमार, विशाल सिंह, रजत पनवर, ओंकार आदि शामिल हुए है। बता दें कि डॉ. बीसी रॉय जूनियर नेशनल फुटबॉल ट्रॉफी के लिए भी हरियाणा की टीम रवाना हुई थी। इस टीम की कमान अंबाला के फुटबॉल मैदान में तैयारी करने वाले फारुखा खालसा स्कूल के छात्र हिसार निवासी भावेष को सौंपी गई थी।
अंबाला में प्रशिक्षण लेने वाले तीन चयनित
बता दें कि ओडिशा में 15 सितंबर तक होने वाली डॉ. बीसी रॉय जूनियर नेशनल फुटबॉल ट्रॉफी में अंबाला के खेल के मैदान में प्रशिक्षण लेने वाले तीन खिलाड़ियों का चयन हुआ था। इनमें हिसार निवासी भावेष के अलावा झज्जर निवासी तनिष्क शर्मा और अंबाला के आर्मी पब्लिक स्कूल के छात्र आर्यन नेगी का चयन हुआ था, लेकिन इस ट्रॉफी के लीग मैच में टीम से पराजित होने के बाद निराश होकर लौटना पड़ा। अब खिलाड़ी आगे के लिए तैयारी कर रहे हैं। जबकि इन्हें फुटबॉल की रेजिडेंशियल अकादमी खुलने का इंतजार है।
वर्जन
संतोष ट्रॉफी के लिए गुरुग्राम में होने वाले ट्रायल में अंबाला के खिलाड़ी भी हिस्सा लेने के लिए गए है। बीसी रॉय ट्रॉफी में भी अंबाला के तीन खिलाड़ी हरियाणा टीम में चयनित हुए थे लेकिन टीम लीग मुकाबले में पराजित होने के बाद लौट आई है।
विशु, फुटबॉल कोच, वार हीरोज स्टेडियम अंबाला
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