अंबाला में हुए हरबिलास हत्याकांड में फरार चल रहे दो आरोपियों को पकड़ने के लिए एसटीएफ (स्पेशल टास्क फोर्स) की टीम ने मुठभेड़ हुई। इस दौरान एक आरोपी के पैर में गोली लग गई, जिसे घायल अवस्था में पुलिस ने अस्पताल पहुंचाया।
बसपा नेता हरबिलास गोलीकांड मामले में दूसरे दिन वीरवार को भी एसटीएफ, सीआईए-1 व बदमाशों के बीच शहजादपुर में मुठभेड़ हुई। राउंडअप करने के बाद जैसे ही टीम शहजादपुर निवासी शूटर राजन व अभिषेक उर्फ मंगू को काबू करने लगी तो उन्होंने गोलियां चला दी। इस बीच टीम ने दोनों बदमाशों को पैर पर गोली मारकर काबू किया। आरोपी बाइक पर थे और हेलमेट डाल रखा था। शूटर ने देसी कट़्टे से टीम पर गोलियां चलाई थी।
विज्ञापन
घायलों को उपचार के लिए शहजादपुर नागरिक अस्पताल में दाखिल करवाया गया। बताया जाता है कि शूटर राजन गोलियां चलाने वाले में शामिल था। जबकि मंगू की भूमिका रैकी करने वाले के तौर पर हो रही है। साथ ही उसके गोलीकांड में शामिल होने की भी आशंका जताई जा रही है। दरअसल, 24 जनवरी को नारायणगढ़ में इनोवा सवार बसपा नेता व वकील हरबिलास व चुन्नू और गूगल पंडित पर बदमाशों ने गोलियां चला दी थी। हरबिलास की पांच गोलियां लगने पर मौत हो गई थी। आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर परिजनों ने 25 जनवरी को नारायणगढ़ अग्रसेन चौक पर जाम लगा दिया था।
एक दिन पहले ही शूटर सागर का मुठभेड़ में हुआ था एनकाउंटर
24 जनवरी को हुए गोलीकांड के बाद बुधवार को एसटीएफ व शूटर सागर के बीच मुलाना के महाराणा प्रताप नेशनल कॉलेज के पास मुठभेड़ हुई थी। इसमें भुर्ज गांव निवासी सागर का एनकाउंटर हो गया था। सागर के शरीर में सात गोलियां लगी थी। यह मुठभेड़ अंबाला-करनाल एसटीएफ व अंबाला पुलिस के संयुक्त ऑपरेशन में हुई थी। जबकि इस मुठभेड़ में एसटीएफ के दो एएसआई प्रवीण व दिनेश भी घायल हो गए थे।