अंबाला के हैफेड गोदामों में हुए गेहूं घोटाले को लेकर सरकार और प्रशासन दोनों सख्त दिखाई दे रहे हैं। इस मामले में हालांकि सहकारिता मंत्री के आदेशों पर अंबाला डीसी मनदीप सिंह बराड़ के नेतृत्व में स्पेशल टीम जांच कर रही है, लेकिन अभी तक जांच में सामने आई प्रथम दृष्टया गड़बड़ियों के आधार पर जीएम हैफेड ने अफसरों, कर्मचारियों व अन्य के खिलाफ केस दर्ज करवा दिया है। अंबाला सिटी में इलाका पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है।
इस मामले में सरकारी एजेंसी हैफेड के जीएम ने हैफेड के डीएम अनिल चौहान, टेक्निकल अफसर रवींद्र दहिया, मैनेजर जगमाल सिंह व स्टोरकीपर क्लर्क गुरदीप सिंह व अन्य के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 120 बी, 379, 467, 468, 409, 420 (साजिश, चोरी, झूठे दस्तावेज तैयार, अमानत में खयानत व धोखाधड़ी) के तहत केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
पुलिस ने भी गठित की एसआईटी
गेहूं घोटाले में एफआईआर दर्ज होने के बाद हैफेड के अफसरों व कर्मचारियों से लेकर कांट्रेक्ट पर रखे कारिंदों में भी हड़कंप की स्थिति है। चूंकि मामला काफी गंभीर है। इसलिए इस मामले की जांच के लिए अंबाला पुलिस ने भी एसआईटी का गठन कर दिया है। ये स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम एसीपी हितेश यादव के नेतृत्व में मामले की जांच करेगी। पुलिस ने शुक्रवार देरशाम इस मामले में केस दर्ज कर आगामी कार्रवाई तो शुरू कर दी है, लेकिन अभी इस मामले में किसी को गिरफ्तार नहीं की गई है।
प्रशासन की स्पेशल टीम की भी जांच जारी
हैफेड गोदामों में हुए इस गड़बड़झाले को लेकर डीसी मनदीप सिंह बराड़ के नेतृत्व में स्पेशल टीम भी अपनी जांच कर रही है। हैफेड के मानकपुर और मोखामाजरा गोदामों में अभी गेहूं की गिनती जारी है। इसका मिलान हैफेड के स्टॉक रजिस्टर से किया जा रहा है। लेकिन सहकारिता मंत्री के दौरे के बाद सामने आ रहे इस जबरदस्त गड़बड़झाले को देखते हुए सरकार ने फिलहाल इस मामले में केस दर्ज करवा दिया है।
अमर उजाला ने किया था खुलासा
उल्लेखनीय है इस मामले में अमर उजाला ने 6 नवंबर के अंक में अंबाला में 2.25 लाख बोरी गेहूं सड़ा शीर्षक से खबर लगाकर सरकारी एजेंसी हैफेड की बड़ी लापरवाही का खुलासा किया था। अभी तक जांच में इस बात की आशंका जाहिर कर दी गई है कि इस गेहूं की कीमत लगभग 15.75 करोड़ है। ये गेहूं अंबाला में हैफेड के मानकपुर और मोखामाजरा गोदामों में तिरपालों के नीचे छिपाकर रखा गया था।
इतना ही यहां से गेहूं चोरी भी हो रही थी। दो नवंबर को हरियाणा के राज्य सहकारिता मंत्री विक्रम यादव अंबाला से गुजरते हुए अचानक हैफेड के कार्यालय में पहुंच गए और उन्होंने वहां गोदाम में से चोरी हो रहे सरकारी गेहूं को रंगे हाथों पकड़ लिया था। तभी उन्हें यहां बड़े गड़बड़झाले की आशंका हुई थी, जिसके बाद उन्होंने डीसी अंबाला को स्पेशल टीम से इस मामले की जांच के आदेश दिए थे। स्पेशल टीम जब चोरी के माल की जांच करने गोदामों में पहुुंची, तो वहां सड़े हुए गेहू का खुलासा हो गया।
वर्जन
इस मामले में हैफेड के जीएम की शिकायत पर डीएम, टीओ, स्टोरकीपर, मैनेजर समेत अन्य के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। स्पेशल इंवेस्टीगेशन टीम इस मामले की जांच कर रही है। मामले में किसी भी दोषी को छोड़ा नहीं जाएगा।
- हितेश यादव, एसीपी हेडक्वार्टर, अंबाला पुलिस