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Haryana: भाकियू नेता चढ़ूनी ने अंबाला पहुंच सरकार को चेताया, बोले- 4 जून को सरकार रोक सके तो रोक लें

Sun, 28 May 2023 05:49 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला सिटी (हरियाणा)

सार

गुरनाम सिंह चढ़ूनी श्री मंजी साहिब गुरुद्वारा में पंजाब किसान जत्थे से अचानक दोपहर ढ़ाई बजे मिलने पहुंचे। उन्होंने सरकार को चेताया और बोले कि 4 जून को मुंडलाना में कार्यक्रम रखा गया है। सरकार रोक सकती है तो रोककर दिखाएं।
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गुरनाम सिंह चढूनी, भाकियू नेता - फोटो : संवाद
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विस्तार
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भाकियू नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी रविवार दोपहर करीब ढाई बजे पुलिस हिरासत से छूटने के बाद सीधा अंबाला पहुंचे। अंबाला सिटी के श्री मंजी साहिब गुरुद्वारे के बाद धरने पर बैठे किसानों को संबोधित किया और सरकार को चेताया कि गोहाना के मुंडलाना में खिलाड़ियों का 4 जून को कार्यक्रम रखा है। जिसमें गवर्नर सत्यपाल मलिक भी पहुंचेंगे, उनको भी सम्मानित किया जाएगा।

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चढ़ूनी ने कहा कि 4 जून को कार्यक्रम में प्रदेशभर से किसान-मजदूर पहुंचेंगे। अगर सरकार रोक सकती है तो उन्हें रोककर दिखाएं। दरअसल, पंजाब से आए जत्थेबंदियों को शहर के श्री मंजी साहिब गुरुद्वारे के बाहर ही पुलिस ने रोक दिया था।

रविवार सुबह पुलिस के समक्ष रोष जताने के बाद किसान टेंट लगाकर बैठे रहे। पंजाब के अमृतसर से किसान मजदूर संघर्ष कमेटी के वरिष्ठ नेता सरवन सिंह पंधेर के नेतृत्व में यह धरना दिया गया था। ऐसे में धरने के नेता सरवन सिंह पंधेर व उनके साथियों से मिलने के लिए भारतीय किसान यूनियन चढ़ूनी के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम सिंह पहुंचे थे।
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दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुई धक्का-मुक्की है वो शर्मनाक, यह लोकतंत्र नहीं लठतंत्र
पत्रकारों से बातचीत में गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने कहा कि देश में मुलजिम को गिरफ्तार करने के लिए कोई कानून नहीं है, लेकिन जो उन्हें गिरफ्तार करने की मांग कर रहे हैं, उनको हिरासत में लिया गया। पूरे हरियाणा में आंदोलनकारियों को हिरासत में लिया गया।

चढ़ूनी ने कहा कि उनको भी सुबह पौने 4 बजे घर से हिरासत में लिया गया था, दोपहर 2 बजे छोड़ा गया। दिल्ली में जंतर-मंतर पर जो धक्का-मुक्की हुई है, वह शर्मनाक है। यह लोकतंत्र नहीं लठतंत्र है। उन्होंने आगामी रणनीति के बारे में बताते हुए कहा कि जो भी महिला पहलवानों के आदेश आएंगे, हम वैसा ही पूरे हरियाणा में करेंगे।

प्रदेश सरकार ने अचानक पुलिस को भेजकर उन्हें हिरासत में लेने का काम किया है। उनके साथ-साथ किसान यूनियन के अन्य कई नेताओं व कार्यकर्ताओं को भी हिरासत में लिया गया तो अनेकों लोगों को नजरबंद भी किया गया। यह सब धोखे से किया गया है, क्योंकि कोई भी किसान तैयारी में नहीं था। सरकार में दम है तो चार जून को सोनीपत के गांव मुडलाना में कार्यक्रम करने से रोक कर दिखाएं। इस दिन किसान भी पूरी तैयारी में होंगे। गुरनाम सिंह चढूनी, भाकियू नेता

पत्रकारों को बताया पूरा प्रकरण
सीआईए टू द्वारा हिरासत से छोड़े जाने के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने बताया कि वे सामान्य दिनों की तरह ही सुबह पौने पांच बजे अपने घर पर थे और अचानक ही पुलिस बल पहुंच गया और उसे हिरासत में लेकर यहां लाया गया। इसी तरह दूसरे किसानों व अन्य लोगों के साथ भी किया गया, ताकि वे पहलवानों के समर्थन में दिल्ली तक न जा पाए। लेकिन भाकियू किसानों के समर्थन में लगातार रही है।

किसी भी स्तर पर कमजोर न पड़ें किसान
चढूनी ने सीआईए के बाहर प्रदर्शन व धरना दे रहे किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि वे किसी भी स्तर पर कमजोर न पड़े। सरकार की जितनी ज्यादती बढ़ रही है उनका मुकाबला करने के लिए हमें और मजबूत होने की जरूरत है। किसान कमजोर पड़ने वाला नहीं है। अब चार जून को होने वाले समारोह की तैयारी पूरी करनी होगी। सरकार उसमें भी खलल डालने का प्रयास कर सकती है, लेकिन हम डटकर सामना करेंगे।

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