नारायणगढ़। गुरु लाधो रे भवन में संत बाबा प्रेम सिंह की बरसी को समर्पित महान गुरमत समागम कराया। श्री अखंड पाठ साहिब के भोग के उपरांत कीर्तन दरबार सजाए।
इसमें ज्ञानी मान सिंह साबका ग्रंथी श्री दरबार साहिब अमृतसर, हजूरी रागी इंदरजीत सिंह नाडा साहिब वाले, ढाड़ी गविंद्र सिंह, भाई गगनदीप सिंह और नाडा साहिब गुरुद्वारा के हेड ग्रंथी जगजीत सिंह और फरिंद्र पाल ने संगत को कथा, कीर्तन व संत बाबा प्रेम सिंह के जीवन बारे विस्तार से बताया।
उन्होंने संत बाबा प्रेम सिंह की विचारधारा व समाज, कोम व धर्म के लिए किए गए कार्यों बारे जानकारी दी। उन्होंने बताया कि संत बाबा प्रेम सिंह ने संगत को हमेशा परमात्मा के नाम के साथ जोड़ने का काम किया। उनका जन्म 1882 को हुआ था और अपने आप को संगत की सेवा व गुरु के लिए अपना सारा जीवन समर्पित किया। जगजीत सिंह ने मक्खन लबाना, संत प्रेम सिंह के जीवन पर भी प्रकाश डाला और गुरु ग्रंथ साहिब की बाणी का जाप करने और अपने बच्चों को सीखी और नाम के साथ जोड़ने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर गुरुद्वारा श्री सिंह सभा के सचिव फरिंद्र गुलियानी ने भी संत बाबा प्रेम सिंह के जीवन बारे बताते हुए सिखी का प्रचार करने के साथ साथ बच्चों को गुरु इतिहास बारे अवगत करवाने व पंजाबी भाषा का ज्ञान करवाने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर गुरपाल सिंह अकबरपुर, सुरजीत सिंह, सुखपाल सिंह, बलकार सिंह, बलजिंदर सिंह, राजिंदर सिंह, कुलदीप सिंह, गुरविंद्र सिंह, अमरीक सिंह सहित भारी संख्या में संगत मौजूद थी।