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..फर्जी फर्म बनाकर तीन लोगों ने लगाया सरकार को 4.47 करोड़ की चपत

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फर्जी फर्म बनाकर जीएसटी के नाम पर सरकार को मोटा चूना लगाए जाने का सिलसिला अंबाला में अभी थमता नजर नहीं आ रहा है। आबकारी विभाग इस मामले में अभी तक करीब 13 अलग-अलग लोगों पर केस दर्ज करवा चुका है। इसी मामले में अब नए फर्जीवाड़े से पर्दा उठा है। तीन लोगों ने फर्जी फर्म बनाकर एक बार फिर सरकार को मोटा चूना लगाया। आबकारी एवं कराधान विभाग ने इस मामले में एसपी को शिकायत देकर केस दर्ज करने की सिफारिश की है। तीनों लोगों ने मिलकर सरकार को करीब 4.47 लाख 53 हजार रुपये की चपत लगाई। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। समाचार लिखे जाने तक इस मामले में किसी के खिलाफ केस दर्ज नहीं हो सका था।
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कैसे पकड़ा गया फर्जीवाड़ा
दरअसल आबकारी एवं कराधान विभाग ने जब इन तीनों फर्मों के बिलों की जांच की तो जांच में टैक्स इंस्पेक्टर ने इस खेल से पर्दा उठाया। मामले की शिकायत पुलिस पोर्टल पर ऑनलाइन की गई है। दरअसल आबकारी व कराधान विभाग के अधिकारी धनपति भारद्वाज व टैक्स इंस्पेक्टर पिछले काफी समय से शहर की 3 फर्मों की जांच कर रहे थे। जांच में यह बात सामने आई कि तीनों फर्म फर्जी हैं। इसी आधार पर फर्मों के ठिकानों पर जब छापामारी की तो परत दर परत पर्दा उठता गया। टीम ने 3 फर्जी फर्मों के सहारे सरकार को करोड़ों रुपए का राजस्व का नुकसान करने वाले आरोपियों की पहचान करते हुए उनके वास्तविक ठिकाने भी तलाश कर लिए। इसके बाद ही पुलिस को शिकायत भेजी गई।
सुपर ई पैक्स के पते से बनाई पहली फर्म
आरोपियों ने पहली फर्म सुपर ई-पैक्स के नकली पते पर बनाई और जीएसटी चोरी की गई। इस फर्म को रविन्द्र सिंह ने नकली फर्म के नाम पर 17 नवंबर 2018 को पंजीकृत करवाया था। इसी आधार पर उसे विभाग ने जीएसटी नंबर जारी किया। जांच में पता चला कि रविंद्र का वास्तविक पता रविन्द्र सिंह, वार्ड नंबर 5, अमलोह, पंजाब है। फर्म के नाम पर नवंबर 2018 से जनवरी 2019 तक 14 करोड़ 43 लाख 30 हजार 31 रुपए के बिल जारी करते हुए जीएसटी के नाम पर सरकार को कुल 2 करोड़ 11 लाख 45 हजार 294 रुपये का चुना लगाया गया
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अलैक्स ट्रेडर्स
इसी तरह अलैक्स ट्रेडर्स अंबाला शहर के पते पर छह जुलाई 2019 को फर्जी फर्म पंजीकृत करवाई। जांच में पता चला कि इस फर्म का असली मालिक रवी कुमार है जोकि नव सरीजीत प्राइमरी स्कूल पोस्ट ऑफिस खोसका बुजुर्ग वाय देसरी अलीपुर वैशाली बिहार का रहने वाला है। रवी ने अगस्त 2019 से सितंबर 2019 तक 10 करोड़ 73 लाख 17 हजार 500 रुपए के बिक्री बिल जारी करते हुए जीएसटी सरकार को 1 करोड़ 93 लाख 17 हजार 150 रुपए का इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ लेते हुए इतने रुपये का चूना लगाया।
अंबाला स्टील कॉरपोरेशन-
तीसरी फर्म अंबाला स्टील कॉरपोरेशन अंबाला शहर के पते पर 1 जून 2019 को पंजीकरण करवाया। इसका मालिक हरीश है। जांच में उसका पता भी फर्जी निकला। इस फर्म के नाम पर जून 2019 से सितंबर 2019 तक 2 करोड़ 35 लाख 72 हजार 626 रुपए के बिक्री बिल जारी किए गए और कुल 42 लाख 91 हजार 475 रुपए का इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ लिया।
शहर की तीन फर्मों ने नकली पते के आधार पर पंजीकरण करवाया और जीएसटी चोरी करते हुए करीब साढ़े 4 करोड़ रुपये के राजस्व को नुकसान पहुंचाया। 3 व्यक्तियों के खिलाफ एसपी को शिकायत दे दी गई है ताकि सरकारी खजाने की भरपाई होने के साथ ऐसे लोगों पर शिकंजा कसा जा सके।
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जसपाल सिंह, इंस्पेक्टर आबकारी एवं कराधान विभाग।
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