अंबाला। वस्तु एवं सेवा कर विभाग ने कर हितैषी मोबाइल एप जारी की है। इस एप के माध्यम से रिपोर्ट करने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। उप आबकारी एवं कराधान आयुक्त सुरेन्द्र कुमार ने बताया कि अक्सर लोग पहचान उजागर होने के डर से कर चोरी की जानकारी देने से कतराते थे। अब नागरिक बिना किसी डर के जीएसटी से जुड़ी शिकायतों को दर्ज करा सकते हैं। उन्होंने व्यापारियों और नागरिकों से इस एप का अधिक से अधिक उपयोग करने का आह्वान किया है। उपभोक्ता एप पर समस्याओं की रिपोर्ट फोटो, वीडियो या दस्तावेजों के साथ जानकारी अपलोड कर सकते हैं। बिना सामान की आवाजाही के फर्जी बिल जारी करना, गलत तरीके से टैक्स छूट का लाभ लेना, बिना जीएसटी नंबर के व्यापार करना, खरीदारी पर पक्का बिल न देना या कच्चे पर्चे पर लेनदेन करने पर भी शिकायत की जा सकती है। डीईटीसी ने बताया कि एप पर प्राप्त शिकायतों के आधार पर विभाग के अधिकारी तुरंत जांच कर कार्रवाई शुरू करेगा। यह पहल न केवल हरियाणा में कर अनुपालन को बढ़ाएगी, बल्कि टैक्स चोरी को रोककर राजस्व संग्रह में भी इजाफा करेगी। उन्होंने बार एसोसिएशन के सदस्यों से भी अनुरोध किया कि वे अपने ग्राहकों को इस एप के प्रति जागरूक करें ताकि पारदर्शी कर व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके। संवाद