अंबाला। वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) विभाग एक जनवरी से माफी योजना लाने जा रहा है। इससे पहले सेक्शन 73 के अधीन आने वाले कर निर्धारण के मामलों को विभाग ने चिन्हित कर लिया है। जिसमें वित्तीय वर्ष 1 जुलाई 2017 से 2018, 2018 से 2019 तथा 2019 से 2020 से संबंधित 184 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का अंबाला में कर निर्धारण लंबित है।
यह बकाया तीन वित्तीय वर्षों में विभिन्न फर्मों पर ब्याज और जुर्माने के साथ लंबित है। माफी योजना लागू होने से इन फर्मों के संचालकों के पास जनवरी से लेकर मार्च तक का आवेदन करने का समय होगा। ऐसे में सेक्शन 73 के तहत आने वाली फर्में योजना का लाभ लेकर ब्याज और जुर्माने की छूट के साथ अपना कर अदा कर सकेंगी।
क्या है माफी योजना
स्कीम के तहत जीएसटी के तहत किसी कारण से टैक्स न जमा करने वाली फर्मों को जुर्माना और उस पर ब्याज की राशि को माफ कर राहत दी जाएगी। यह छूट उन्हीं मामलों में लागू है जहां कर निर्धारण सेक्शन 73 में किया गया है या इस सेक्शन में कर निर्धारण का नोटिस प्राप्त हुआ है। अगर सेक्शन 74 के निर्धारण को अपील में सेक्शन 73 में परिवर्तित किया गया है, तब भी इस स्कीम का लाभ मिलेगा। यह स्कीम केंद्र और राज्य स्तर पर एक साथ लागू होगी। इस स्कीम के तहत वित्तीय वर्ष 1 जुलाई 2017 से 2018, 2018 से 2019 तथा 2019 से 2020 से संबंधित कर निर्धारण में छूट का लाभ मिलेगा। इस स्कीम का लाभ लेने के लिए टैक्स की पूरी अदायगी अनिवार्य है, तभी ब्याज और जुर्माने में छूट मिलेगी।
जीएसटी के सेक्शन 73 में यह आते हैं मामले
जीएसटी अधिनियम की धारा 73 सामान्य मामलों में जीएसटी मांग के निर्धारण की प्रक्रिया को कवर करती है। इसमें कर का भुगतान विधिवत नहीं किया गया है, भुगतान किया गया कर वास्तविक देनदारी से कम है, टैक्स गलती से वापस कर दिया गया है या जीएसटी अधिनियम की धारा 73 के तहत इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का गलत तरीके से लाभ उठाया या उपयोग किया गया है। ऐसे मामले धारा 73 में आते हैं। इस धारा में जहां कोई भी गुप्त उद्देश्य जैसे धोखाधड़ी, जानबूझकर गलत बयानी या तथ्यों को छिपाना आदि से जुड़े मामले शामिल नहीं होते हैं।
जीएसटी विभाग में फर्मों का यह बकाया लंबित
वित्तीय वर्ष - लंबित कर
2017-18 - 36,36,87,793
2018-19 - 1,22,63,30,571
2019-20 - 57,87,84,696
कुल- 1,84,14,84,060
नोट- यह आंकड़े कर व उसपर ब्याज व जुर्माना के साथ हैं।