अंबाला। कैंट के राजकीय पीजी कॉलेज में करोड़ों के घपले में सब स्टेट जीएसटी और सेंट्रल जीएसटी विभाग भी सतर्क हो गया है। करोड़ों रुपये की फर्जी फर्म बनाकर टैक्स चोरी के मामले में विभाग जांच कर सकता है। जांच समिति की रिपोर्ट में सामने आया है कि इस घपले को करने के लिए फर्जी फर्मों का वेंडरों ने सहारा लिया है। इसमें फर्जी पतों पर फर्मों काे दिखाकर गबन किया गया है। ऐसे में दोनों ही विभागों के अधिकारी जल्द एसीबी से संपर्क कर सकते हैं। राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने राजकीय पीजी कॉलेज अंबाला कैंट में सरकारी खरीद नियमों के उल्लंघन, सरकारी धन के गबन और फर्जीवाड़ा सहित अन्य गंभीर आरोपों में तत्कालीन प्रिंसिपल, सहायक प्रोफेसर और वेंडरों सहित 10 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
यह थी फर्में
रियल व्यू नाम की एक फर्म का पता प्रथम तल लाल कुर्ती बाजार, रेलवे स्टेशन अंबाला कैंट के पास दिखाया गया था। वहीं दूसरी फर्म जीवम एंटरप्राइजेज के नाम से है। जिसका पता दुकान संख्या 14-15 माता रानी चौक मंदिर के पास, अंबाला कैंट है। इसी प्रकार तीसरी फर्म अनंत ट्रेडर का पता अहाता बुध सिंह, जीटी रोड सदर बाजार के पास दर्शाया गया है। फर्म एलएम इंटरनेशनल का पता भी इसी प्रकार दर्शाया गया है।
जांच समिति को गलत मिले पते
जांच समिति ने इन पतों को गलत पाया है। इसके बाद जांच समिति की सिफारिश इस प्रकार है कि विक्रेताओं के जीएसटी नंबरों पर समिति द्वारा किए गए सत्यापन कार्य और फर्मों द्वारा बेचे जाने वाले उत्पादों (प्रदान किए गए जीएसटी विवरण के अनुसार) की जांच के बाद, प्रथम दृष्टया यह निष्कर्ष निकाला गया है कि शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोपों को निराधार मानकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।