अंबाला। जिला का वस्तु और सेवा कर कलेक्शन कम हुआ है। पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में इस बार छह फीसद गिरावट दर्ज की है। इसमें साइंस उत्पाद, कपड़ा कारोबार से आने वाले कर में भी गिरावट हुई है।
राज्य सरकार को जीएसटी के माध्यम से मिलने वाले राजस्व में छह प्रतिशत की गिरावट बड़ी कमी मानी जा रही है। इसका प्रमुख कारण शंभू बॉर्डर के बंद होने से जाेड़कर देखा जा रहा है। हालांकि विभाग अभी पता लगा रहा है कि जीएसटी में गिरावट कैसे हुई। जिन सेक्टराें में गिरावट आई है उन्हें अप्रैल से शुरू हुए नए वित्तीय वर्ष में प्रोत्साहित भी किया जा रहा है, ताकि अगली बार जीएसटी में गिरावट न रहे।
करीब 15 महीने बंद रहा शंभू बॉर्डर
किसान आंदोलन के चलते 11 फरवरी 2024 को हरियाणा पंजाब की सीमा को जोड़ने वाला शंभू बॉर्डर बंद कर दिया गया था। इसके बाद से पंजाब से सटे जिलों का कारोबार पूरी तरह से प्रभावित हो गया। इसमें सबसे अधिक असर कपड़ा व्यापार को हुआ। क्योंकि पंजाब के सीमावर्ती जिलों से लोग अंबाला में कपड़ा, सोना आदि खरीदने आते थे। उनके न आने से यह दोनों व्यापार 15 महीनों तक ठप रहे। इसी प्रकार हिमाचल प्रदेश से भी लोग अंबाला में खरीददारी करने आते हैं वह भी चंडीगढ़ या पंजाब के अन्य शहरों की तरफ खरीददारी करने गए। अब जब शंभू बॉर्डर खुला है तो फिर से बाजार में रौनक लौटने की उम्मीद नजर आ रही है। अंबाला साइंटिफिक इंस्ट्रूमेंट मैन्युफेक्चरर्स एसोसिएशन के महासचिव गौरव सोनी ने बताया कि पंजाब बॉर्डर बंद होने स अंबाला का साइंस कारोबार भी प्रभावित रहा है। क्योंकि बहुत से ऑर्डर ट्रेडर्स को मिल नहीं सके। अगर ऑर्डर मिल भी रहे थे तो उन्हें लंबे रूटों से भेजा जा रहा था। इसके कारण उत्पाद की कीमत पर भी असर पड़ रहा था।
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वित्तीय वर्ष 2023-24 में टॉप 10 में था अंबाला
वित्तीय वर्ष 2023-24 के राज्य जीएसटी के आंकड़ों को देखें तो तब अंबाला टॉप 10 में शामिल था। इस वित्तीय वर्ष में अंबाला के जीएसटी विभाग ने 601 करोड़ रुपये का राजस्व जुटा था। मगर वित्तीय वर्ष 2024 प्रतिशत में यह छह प्रतिशत कम हो गया। ऐसे में अंबाला प्रदेश के टॉप 10 जिलों की सूची से भी बाहर हो गया।
वर्जन
इस बार जीएसटी कलेक्शन में ओवरऑल छह प्रतिशत की कमी रही है। इसका एक प्रमुख कारण शंभू बॉर्डर का बंद होना है। जिसके कारण अंबाला से अन्य राज्यों में व्यापार नहीं हो सका। इसके कारणों को अभी पता लगाया जा रहा है।हरीश गुप्ता, डीईटीसी, स्टेट जीएसटी