अंबाला। अंबाला में एच 3 एन 2 इन्फ्लूएंजा का खतरा बढ़ रहा है। यहां के अस्पतालों में रोज खांसी, जुकाम और बुखार से पीड़ित करीब 400 मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं।जागरूकता के अभाव के चलते ज्यादातर मरीज इन्फ्लूएंजा को लेकर गंभीर नजर नहीं आ रहे हैं। बिना मॉस्क लगाए ही अस्पताल आ रहे हैंं।
बुधवार को अंबाला छावनी में जब मरीजों से इन्फ्लूएंजा को लेकर बात की गई तो कई ने इसके बारे में अनभिज्ञता जताई। ज्यादातर मरीजों ने मास्क नहीं लगाए थे। इस दौरान डॉक्टर मास्क न लगाने पर कई मरीजों को टोकते भी नजर आए। चिकित्सकों के अनुसार कुछ मरीज तो ऐसे हैं जिन्हें लंबे समय से जुकाम खांसी की शिकायत है। ऐसे मरीजों को चिन्हित कर अलग किया जा रहा है।
अलग से बनाया फ्लू वार्ड
छावनी के सिविल अस्पताल में कोविड वार्ड के भीतर ही मरीजों की जांच के लिए फ्लू वार्ड बनाया गया है। यहां पर डॉ अनीता मरीजों को देख रही हैं। यहां खांसी, जुकाम और बुखार के संदिग्ध मरीजों को यहां पर देखा जा रहा है। यह व्यवस्था हाल ही में शुरू की गई है। डाक्टरों के अनुसार बुधवार को अस्पताल में सर्दी खांसी जुकाम के 80 केस आए।
जांच के लिए रोज भेज रहे हैं 10 सैंपल
अस्पताल के डॉ संजीव गोयल ने बताया कि मरीजों को वायरल होने में सामान्य उपचार दिया जा रहा है। मगर रोजाना की ओपीडी में कम से कम 10 संदिग्ध मरीजों को अंबाला शहर के पॉलीक्लीनिक में जांच के लिए भेजा जा रहा है। यह मरीज इसी पॉलीक्लीनिक में सैंपल भी देते हैं। कोविड प्रोटोकॉल के तहत ही इनके सैंपल लिए जा रहे हैं।
150 संदिग्ध मरीजों सैंपल जांच के लिए भेजे
अंबाला शहर में स्वास्थ्य विभाग की तरफ से कोविड को लेकर 150 सैंपल जांच के लिए पॉलीक्लीनिक भेजे हैं। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि कोविड की जांच आरटीपीसीआर से होती है ऐसे में इन्फ्लूएंजा होगा तो इसी जांच में पकड़ में आ जाएगा।
एक महीने से है बुखार की शिकायत
यमुनानगर के गांव कलावड़ की निवासी पम्मी उपचार के लिए अंबाला छावनी के सिविल अस्पताल पहुंचीं। उन्होंने बताया कि उन्हें पिछले एक महीने से बुखार की शिकायत है। पहले वह अपने गांव में ही उपचार कराती रहीं। जब बुखार नहीं उतरा तो अब अंबाला में चिकित्सकों को दिखाने आईं हैं।