संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। दिवाली पर्व पर इस बार केवल ग्रीन पटाखों का ही शोर होगा। साधारण पटाखों की बिक्री करने वाले की खैर नहीं होगी। साधारण पटाखों पर रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन ने चार सदस्य कमेटी का गठन किया गया है। कमेटी अनुमति के बाद ही ग्रीन पटाखे जिला प्रशासन द्वारा निर्धारित जगहों पर लगने वाले स्टालों पर बेच सकेंगे।
इसके अलावा पहली बार प्रशासन की ओर से मंडल स्तर पर ड्रा निकाले जाएंगे। अक्सर देखा जाता था कि डीसी कार्यालय में ही जिलाभर के लोग पटाखों के अस्थायी स्टॉल के लिए अनुमति लेने थे। ऐसे में नारायणगढ़, बराड़ा, कैंट आदि से लोगों को डीसी कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ते थे। ऐसे में अब मंडल स्तर पर एसडीएम की तरफ से ही ड्रा निकाला जाएगा। बाकायदा इसको लेकर प्रशासन की ओर से अलग-अलग भी निर्धारित की जाएगी।
अभी लकी ड्रा में महज एक दिन का समय बचा है। ऐसे में अस्थायी स्टॉल के लिए आवेदन करने वालों की संख्या भी बढ़ती जा रही है। छावनी एसडीएम कार्यालय की बात करें तो अभी तक 70 लोग अस्थायी पटाखा स्टॉल लगाने के लिए आवेदन कर चुकी है। जबकि 8 नवंबर शाम तक यह आवेदन होंगे। इसी तरह हर मंडल की स्थिति है।
हालांकि प्रशासन के कहने पर बाजारों में भी ग्रीन पटाखों की खरीददारी शुरू हो गई है। लोग ग्रीन व साधारण पटाखों में यही फर्क समझ रहे हैं कि ग्रीन पटाखे हरे रंग का धुआं छोड़ते हैं। जबकि वास्तव में ऐसा कुछ नहीं है। ग्रीन पटाखों से भी वैसा ही धुआं निकलता है, जैसा दूसरे पटाखों से। केवल ग्रीन पटाखों में कैमिकल का बदलाव किया गया है। जो दूसरे पटाखों के मुकाबले ग्रीन पटाखे कम प्रदूषण फैलाते हैं।
इन ग्रीन पटाखों पर सीएसआईआर-नीरी का सर्टिफाइड लोगो लगा होता है। ग्रीन पटाखों के बॉक्स पर क्यू आर कोड भी बना होता है। गूगल प्ले स्टोर से सीएसआईआर-नीरी मोबाइल एप डाउनलोड कर पटाखों के बॉक्स पर बने क्यूआर कोड को स्कैन कर जानकारी हासिल कर सकते हैं कि ये पटाखा कहां बनाया गया और कौन सा केमिकल इस्तेमाल किया गया।
दीपावली के शुभ अवसर पर वायु गुणवत्ता के मद्देनजर केवल ग्रीन पटाखों की ब्रिक्री के लिए अस्थायी लाइसेंस जारी किए जाएंगे। जिन लोगों को अस्थाई लाइसेंस जारी किया जाएगा, वह केवल ग्रीन पटाखे ही बेच सकेंगे। - उपमंडल अधिकारी अंबाला छावनी सतिंद्र सिवाच