अंबाला सिटी। सिटी अनाज मंडी में किसान अपनी सरसों की फसलों को लेकर तो पहुंच रहे हैं मगर सरसों की फसल की खरीदारी सरकार कब शुरू करेगी, इसपर कोई विकल्प सामने नहीं आया है। वहीं किसानों के लिए सबसे बड़ी चुनौती तो यह भी रहेगी कि सरसों की खरीदारी जिले की किन-किन मंडियों में की जाएगी।
बीते वर्ष की बात की जाए तो अंबाला जिला के मुलाना व शहजादपुर की मंडियों में सरकारी एजेंसियों द्वारा किसानों की सरसों की फसलें खरीदी गई थी। सरसों की फसलों की खरीदारी के लिए सरकार की एजेंसी द्वारा कोई तारीख सुनिश्चित नहीं की गई। संबंधित अधिकारियों की मानें तो अप्रैल माह के पहले सप्ताह में सरसों की फसल की खरीदारी करने का अनुमान है।
अंबाला शहर की अनाज मंडी में सरसों की फसल लेकर पहुंचे किसानों ने बताया कि सरकार सरसों की फसलें उगाने पर तो जोर दे रही है, मगर सरसों की फसल बेचने में भी काफी दिक्कतें पैदा कर रही है। किसानों को सरसों की फसलें बेचने के लिए भारी परेशानियों से जूझना पड़ता है। किसानों का कहना है कि अंबाला शहर अनाज मंडी से जुड़े किसानों को अंबाला जिले के शहजादपुर व मुलाना की मंडियों में जाकर अपनी फसलें बेचनी पड़ रही हैं।
इस वजह से किसानों को करीब 20 से 30 किलोमीटर ज्यादा दूरी तय करते हुए अतिरिक्त किराये का खर्चा करना पड़ता है, वहीं किसानों को दूर-दराज की मंडियों में आने-जाने में लगने वाले समय बर्बाद होता है।
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धूप में सूख रही सरसों
गांव मोहड़ी निवासी किसान हरजीत सिंह ने बताया कि करीब नौ एकड़ भूमि में सरसों की फसल उगाई थी। जिसको लेकर वह अंबाला सिटी अनाज मंडी लेकर पहुंचे हैं। सरसों की फसल को धूप में सुखाया जा रहा है। कुछ दिनों बाद सरसों के लिए सरकारी खरीद प्रारंभ की जाएगी तो वह सुनिश्चत की गई मंडी में वह अपनी सरसों की फसलें बेच पाएगें।
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किसानों को हजार रुपये प्रति क्विंटल हो रहा नुकसान
गांव ठरवा माजरी के किसान विक्की ने बताया कि सरसों की फसलों की अभी सरकारी खरीद शुरू नहीं हुई है। जिस कारण ज्यादातर किसान व्यापारियों को 4750 रूपये प्रति क्वटिंल के दाम में सरसों बेचने को मजबूर हैं। सरकारी एजेंसी द्वारा फसलों की खरीदारी करने में देरी की जा रही है। जिससे किसानों को करीब एक हजार रुपये प्रति क्वटिंल का नुकसान हो रहा है।
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सिटी की अनाज मंडी से खरीददारी की बंद
अंबाला सिटी अनाज मंडी के आढ़ती अशोक कुमार ने बताया कि बीते करीब छह वर्षों पहले सिटी अनाज मंडी में किसानों अपनी सरसों की फसलों को सरकारी एजेंसी को बेचा करते थे, मगर बीते कईं वर्षों से सरकार ने सिटी अनाज मंडी से सरसों की फसलों की खरीदारी करनी बंद की हुई है। जिस कारण अंबाला शहर मंडी से जुड़े किसानों को भारी परेशानियों से जूझना पड़ता है।
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सरकार किसानों के अतिरिक्त खर्चे की करे भरपाई
सिटी अनाज मंडी आढ़ती कुलदीप सांगवान ने बताया कि सरकार किसानों को तंग कर रही है। सरसों की फसलों को जिले की अन्य मंडियों तक लेकर जाने में किसानों का करीब दो हजार का खर्च बढ़ जाता है। जिसकी भरपाई करना किसान के लिए मुश्किल हो जाता है। सरकार को चाहिए की किसानों पर लगने वाले किराये आदि के अतिरिक्त खर्चे की भरपाई करे।