संवदेनशील क्षेत्र की सूची में शामिल अंबाला के कोर्ट परिसर में घुसकर अलमारियों से डेढ़ हजार केसों की फाइलों को निकालकर जलाने के मामले से जहां पुलिस प्रशासन पूरी तरह से सकते में हैं, वहीं इस वारदात ने अन्य सरकारी दफ्तरों की सुरक्षा पर भी बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।
यदि देखा जाए तो अंबाला सिटी व अंबाला कैंट के सरकारी दफ्तरों में भी सुरक्षा राम भरोसे है। इतना ही नहीं आगजनी के मामले में भी सरकारी कार्यालय सुरक्षित नहीं है। जिला अंबाला में विभिन्न सरकारी कार्यालयों की संख्या बीस से ज्यादा है। हालांकि अधिकतर सरकारी कार्यालयों का मुख्यालय अंबाला शहर में हैं, लेकिन उनकी शाखाएं अंबाला कैंट में भी मौजूद है। इनमें से अधिकतर कार्यालय ऐसे हैं, जहां पब्लिक डीलिंग का काम सबसे ज्यादा होता है। इनमें नगर निगम कार्यालय, बिजली विभाग, स्वास्थ्य महकमा, एसडीएम कार्यालय, पंचायत विभाग, जल महकमा, शिक्षा विभाग समेत अन्य कार्यालय मौजूद है। इन सभी कार्यालयों की स्थिति यदि देखी जाए तो रात के समय भी इन कार्यालयों में घुसकर ऐसी वारदात को अंजाम देना मुश्किल नहीं है। क्योंकि कई कार्यालयों में तो चौकीदार ही नहीं है। दूसरा, इन कार्यालयों में जनता, शिक्षकों और छात्रों से संबंधित काफी अहम दस्तावेज भी मौजूद है, लेकिन आगजनी से वे भी महफूज नहीं है।
जर्जर हालत में है रिकॉर्ड
इन कार्यालयों में यदि देखा जाए तो लोगों से संबंधित रिकॉर्ड भी बेहद जर्जर हालत में हैं। शिक्षा विभाग, एसडीएम कार्यालय, बिजली विभाग और नगर निगम के रिकॉर्ड की तो हालत बेहद खराब है। ये रिकॉर्ड कार्यालयों में गंदी मैली पोटलियों में बेतरतीब ढंग से पड़ा है। इस रिकॉर्ड पर धूल की मोटी परत चढ़ी हुई है। उधर, यदि इस रिकॉर्ड में कोई आगजनी की घटना होती है, तो उसे बुझाना भी आसान नहीं है, क्योंकि इन कार्यालयों में अग्निशमक यंत्र भी नहीं लगे हुए हैं। नगर निगम और शिक्षा विभाग के कुछ कर्मचारियों ने बताया कि वे अपने संबंधित अफसरों से कई बार कह चुके हैं कि कार्यालयों में अग्निशक यंत्र लगवाएं जाएं, ताकि रिकॉर्ड को महफूज रखा जा सके, लेकिन आजतक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
---
निगम के कैंट व सिटी जोन में रिकार्ड की क्या हालत है, उस पर अफसरों से चर्चा की जाएगी। इसके अलावा निगम में अग्निशमक यंत्र भी लगवाएं जाएंगें, ताकि लोगों का अहम रिकॉर्ड को सुरक्षित रखा जा सके।
-रमेश लाल मल, मेयर, नगर निगम-