अंबाला सिटी। निजी नशा मुक्ति केंद्रों में अनियमितताएं लगातार जारी है। इसलिए विभाग ने सिटी नागरिक अस्पताल में 10 बेड के नशा मुक्ति केंद्र को टीबी डॉट सेंटर में स्थापित करने का निर्णय लिया है। आगामी तीन महीनों में केंद्र को डॉट सेंटर में शिफ्ट कर दिया जाएगा।
इसके साथ ही टीबी सेंटर को इसके सामने ही बने नए वार्ड में स्थापित किया जाएगा। शुरूआत में यह केंद्र 10 बेड का होगा। बाद में इसमें बढ़ोतरी की जाएगी। गौरतलब है कि मंगलवार को छावनी के सुकून और बुधवार को मुलाना के गुरु कृपा केंद्र में निरीक्षण किया। इस दौरान टीम को केंद्र में खामियां पाई गईं। इन दोनों केंद्रों में काउंसलिंग के लिए आने वाले मरीजों की फाइल ही नहीं बनी थी। इसके साथ ही केंद्रों में काम कर रहे स्टाफ की जानकारी भी ईएसआई पोर्टल पर नहीं चढ़ाई गई थी। केंद्रों को पहले भी चेताया जा चुका है। लेकिन इसके बाद भी केंद्रों के संचालक नियमों को दरकिनार कर केंद्र संचालित किए जा रहे हैं।
सिटी नागरिक अस्पताल में जो केंद्र बनाया जाएगा। उसमें काम करने के लिए अलग से स्टाफ भी नियुक्त किया जाएगा। इसके साथ ही नागरिक अस्पताल से भी स्टाफ लिया जाएगा। केंद्र के शुरू होने से लोगों को काफी राहत मिलेगी। मरीजों को निजी अस्पतालों में हजारों रुपए खर्च करने नहीं पड़ेंगे।
जिला नोडल अधिकारी डाॅ राजेंद्र राॅय ने बताया कि विभाग नशा मुक्ति केंद्र अस्पताल की लंबे समय से मांग जारी है। एक मरीज को चार से पांच दिनों तक रखने की आवश्यकता होती है। अगर मरीज की हालत बहुत अधिक खराब हो तो उसे इससे अधिक दिनों तक भी रखा जा सकता है। फिलहाल नागरिक अस्पताल में नशे से प्रभावित जो भी मरीज आते हैं उन्हें सामान्य वार्ड में ही रखा जाता है।
-
विभाग के आदेशों पर टीबी सेंटर में केंद्र को स्थापित करने के प्रयास जारी है। दो से तीन महीनों में काम पूरा हो जाएगा। केंद्र के शुरू होने से कई मरीजों को राहत मिलेगी।
-डॉ राजेंद्र राय, जिला नोडल अधिकारी मनोचिकित्सा विभाग