बुधवार को सर्राफा कारोबारियों ने केंद्र सरकार के फरमान के खिलाफ दुकानें बंद कर रोष प्रकट किया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। सर्राफा कारोबारियों का कहना है कि सरकार की ओर से दो लाख रूपए से अधिक के जेवरातों की खरीद पर पैन कार्ड अनिवार्यता करना गलत है। अंबाला कैंट, अंबाला सिटी, बराड़ा, मुलाना, शहजादपुर, नारायणगढ़, साहा में भी सर्राफा कारोबारियों ने दुकानें बंद रखीं।
ट्विन सिटी सर्राफा कारोबारियों ने बुधवार को कारोबार बंद रखा और सर्राफा एसोसिएशन के प्रधान नरेश अग्रवाल की अध्यक्षता सिटी में सर्राफा बाजार में एकत्रित होकर जमकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। एसोसिएशन जुड़े 67 दुकानदारों सहित अन्य सर्राफा कारोबारियों ने भी अपनी दुकानें बंद रखीं। उन्होंने कहा कि सरकार की नई नीति को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जबकि नरेश अग्रवाल ने कहा कि पूर्व वित्त मंत्री ने एक लाख की खरीद पर पेन कार्ड अनिवार्य किया था। जिसके बाद हुए विरोध प्रदर्शनों उपरांत सरकार ने इसे लागू नहीं किया था, लेकिन अब नियम वापस नहीं लिया गया तो केंद्र सरकार से आरपार की लड़ाई लड़ी जाएगी। अंबाला कैंट में कारोबारी सुधीर बिंदलस का कहना है कि सरकार को चाहिए कि अपने फरमान को वापिस ले और दो लाख रूपए के जेवरात पर पैन कार्ड की अनिवार्यता को हटाएं।
ज्वेलर्स एसोसिएशन ने एमडीएम को सौंपा ज्ञापन बराड़ा। ज्वैलर्स एसोसिएशन बराड़ा ने केंद्र सरकार की नीति के विरोध में एकत्रित होकर विरोध प्रदर्शन करते हुए वित मंत्री के नाम एसडीएम बराड़ा को ज्ञापन सौंपा। प्रधान रोशन लाल के नेतृत्व में बराड़ा के सभी ज्वैलर्स एकत्रित हुए और सरकार के खिलाफ विरोध जताते हुए अपनी दुकानें बंद रखी तथा वित्त मंत्री के नाम एसडीएम गगनदीप सिंह को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने जो नई नीति बनाई है कि दो लाख से अधिक के आभूषण खरीदने के लिए पैन कार्ड का होना जरूरी है सरासर गलत है। प्रधान रोशन लाल ने कहा कि यहां पर ग्रामीण एरिया है जहां पर अनेकों लोगों के पास पैन कार्ड ही नहीं है ऐसे में नई नीति के लागु होने से कई लोग आभूषण की खरीदारी नहीं कर पायेंगें। जिससे लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। इस मौके पर सचिन, रवि कुमार, संदीप जैन, अशोक कुमार, राजिंद्र कुमार, सरबजीत, मोहन, अमन आदि मौजूद रहे।