मुलाना। जर्मनी में आयोजित आईएसएसएफ जूनियर विश्व कप में निशानेबाजी में गोल्ड मेडल जीतने वाले सरबजोत सिंह का लक्ष्य अब अगले महीने ब्राजील के रियो में होने वाले सीनियर वर्ल्ड कप में गोल्ड मेडल जीतना है। यह बात गांव पहुंचे सरबजोत सिंह ने कही।
सोमवार को ग्राम पंचायत धीन उसके घर डीजे और तिरंगा लेकर पहुंची। ग्राम पंचायत सदस्यों ने गोल्ड मेडलिस्ट सरबजोत सिंह सहित उनके माता-पिता का मुंह मीठा कराया। इसके बाद सरपंच नवनीत सैनी ने सरबजोत को कार में बिठाकर गांव में सम्मान सहित घुमाया और लड्डू बांटे। इस मौके पर शहीद भगत सिंह युवा क्लब ने सरबजोत को सम्मानित किया।
हरियाणा सरकार देगी 10 लाख रुपये की इनामी राशि
17 वर्षीय सरबजोत सिंह ने पुरुष वर्ग की 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में 239.6 अंक के साथ पहला स्थान हासिल कर आईएसएसएफ जूनियर विश्व कप में गोल्ड जीता। इसके चलते सरबजोत को हरियाणा सरकार की पॉलिसी के तहत 10 लाख रुपये की इ
इनामी राशि दी जाएगी। यह घोषणा स्वयं जिला खेल अधिकारी अरुणकांत ने सरबजोत सिंह के घर पहुंचकर की। उन्होंने कहा कि देश के लिए जूनियर विश्वकप में गोल्ड मेडल लाकर सरबजोत ने जिले का विश्व में रोशन किया है।
ग्राम सरपंच ने बतौर प्रोत्साहन राशि दिए 21 हजार रुपये
गांव का नाम रोशन करने व देश के लिए गोल्ड मेडल लाने पर सरबजोत सिंह को सरपंच नवनीत सैनी ने 21 हजार रुपये प्रोत्साहन राशि के रूप में देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि हमारे गांव का लड़का देश के लिए गोल्ड मेडल लेकर आया, इससे बड़ी बात हमारे लिए ओर क्या हो सकती है। सरबजोत सिंह आज के युवाओं के प्रेरणा बन गया है। आज युवा नशा का शिकार हो रहा है।
माता-पिता को दिया श्रेय
सरबजोत सिंह ने बताया कि वह जूनियर वर्ल्ड कप में गोल्ड मेडल जीतने का श्रेय अपने माता-पिता को दिया। सरबजोत ने कहा कि उसके पिता एक किसान होने के बावजूद हमेशा उसका सहयोग करते रहे। अब उसका फोकस अगले महीने ब्राजील के रियो में होने वाले सीनियर वर्ल्ड कप पर है। सरबजोत ने बताया कि वह सीनियर वर्ल्ड कप के लिए टॉप 6 में 5वां स्थान प्राप्त कर क्वालीफाई कर चुका है।