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देवों के पास किस्मत बदलने की कलम : करूणागिरी

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अंबाला छावनी के सनातन धर्म मंदिर में कथा सुनाती बाल योगिनी 1008 महामण्डलेश्वर करूणागिरी महाराज। - फोटो : kathua
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अंबाला। श्री सनातन धर्म सभा के वार्षिक महोत्सव के तीसरे दिन श्री शिव महापुराण कथा ज्ञानयज्ञ आयोजित हई। इस दौरान बाल योगिनी 1008 महामंडलेश्वर करुणानिधि महाराज ने बताया कि भगवान शिव कालों के काल महाकाल हैं, जिसने महाकाल भगवान का स्पर्श किया, पूजा की, काल भी उसका कुछ नहीं बिगाड़ सकता। उन्होंने बताया कि जितने अक्षर का मंत्र हो उतने करोड़ जप करने चाहिए। पंचाक्षर में 5 करोड़ जप करने चाहिए।
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जो भी मंत्र का जप करें वह पंचाक्षर, गायत्री मंत्र , गुरुमंत्र या फिर देवता का बीज वैदिक मंत्र हो उस मंत्र के देवता से आज्ञा अवश्य लेनी चाहिए। शिवपुराण में पुरुष चरण कर्ता अर्थात् जप करने वाला को कहा गया है, जिसका रहन - सहन, उठना - बैठना आचार-व्यवहार सब पवित्र होना चाहिए। इसके बाद उन्होंने कहा कि मंत्र एक, माला एक, आसन एक, समय एक, इष्ट एक, जब तक यह पांचों एक नहीं होगी, तब तक हमारी साधना फलीभूत होने वाली नहीं है।
शिवलिंग पूजा में धूप, दीप, नैवेद्य, गंद्य, पुष्प से पांच चीजें आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि सभी देवों के पास किस्मत लिखने की कलम है। लेकिन भोलेनाथ के पास किस्मत बदलने की कलम है। इसलिए यह महादेव है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक मनुष्य को प्रतिदिन यदि संभव हो तो एक हजार जप प्रात और एक हजार जप संध्या के समय करने चाहिए।

अंबाला छावनी के सनातन धर्म मंदिर में कथा सुनाती बाल योगिनी 1008 महामण्डलेश्वर करूणागिरी महाराज।- फोटो : kathua

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