अंबाला कैंट। कैंट का गांधी मैदान, न तो खेलने लायक रहा और न ही चलने लायक बचा है। क्रिकेट खिलाड़ियों के लिए कैंट का यह मैदान लोकप्रिय रहा, लेकिन नगर निगम की लापरवाही ने इस मैदान के हालात भी इस कदर बिगाड़ दिए हैं कि इस ओर खिलाड़ी अब देखते तक नहीं हैं। विभिन्न आयोजकों को मेला आदि लगाने के लिए किराये पर देने के बाद निगम इसका रखरखाव नहीं करता, जिसके कारण यह हालात बने हुए हैं। कैंट का एकमात्र गांधी मैदान ही खिलाड़ियों के लिए उपयुक्त है। इसी मैदान पर रविवार के दिन कैंट की तमाम क्रिकेट टीमें यहां पर मैच खेलती थी। टीमों के खिलाड़ी सुबह पहुंचकर अपनी तैयारियां शुरू कर देते। दोपहर तक क्रिकेट मैच खेलते रहते थे। एक दशक पूर्व फुटबाल टूर्नामेंट तक हुए हैं, जिन में देश की नामी टीमें खेल चुकी हैं। सार्वजनिक रूप से यही एक मैदान बचा है। इसके अलावा एसडी कॉलेज के पास कानवाय ग्राउंड है, लेकिन यहां पर भी टीमों का जमावड़ा लगा रहता है, जबकि सुबह-सुबह टीमें अपना स्थान सुरक्षित करती हैं।
यह कहते हैं खिलाड़ी व जनता
कैंट के रहने वाले आशीष, लक्ष्यवीर, राजीव, रोहित, चिरंजीव, मोहित शर्मा, इंप्रीत सिंह, मनोज गुप्ता, हेमंत शर्मा का कहना है कि गांधी मैदान में हमने भी क्रिकेट काफी समय तक खेले हैं। लेकिन जब से आयोजकों को किराये पर मैदान देना शुरू किया है, उसके बाद से इसके हालात बिगड़ चुके हैं। आयोजक तो चले जाते हैं, लेकिन मैदान की हालत को नहीं सुधारा जाता। कहीं पर घास उगी है, तो कहीं पर गड्ढे बने हैं। सीधे-सीधे नगर निगम की लापरवाही है, जो इस मैदान के हालात ऐसे हो चुके हैं।
मैदान की हालत के बारे में जानकारी नहीं है। यदि इसके हालात खराब हैं, तो इसे दुरुस्त कराया जाएगा। मैदान काफी महत्वपूर्ण है, जबकि इसके रखरखाव के लिए काम किया जाएगा।
- रमेश मल, मेयर नगर निगम अंबाला