अंबाला सिटी। शहर की सड़कों पर घूम रहे बेसहारा गोवंश हादसों का कारण बन रहे हैं। नगर निगम ने अभी तक बेसहारा गोवंश को गोशाला में शिफ्ट करने के लिए कोई समाधान नहीं निकाला है। इस संबंध में अभी तक कोई टेंडर भी नहीं लगाया गया। यदि निगम की गोशाला के कागजों में चलने की बात कहें तो अतिशयोक्ति नहीं होगी।
कुछ समय पूर्व नगर निगम ने डंगडेहरी गांव में नंदीशाला और गोशाला बनाने के लिए जमीन देखी थी, लेकिन यह कागजी प्रक्रिया तक सीमित रही। इस योजना को धरातल पर आने के लिए समय लगेगा। बेसहारा गोवंश के बारे में मुद्दा हाउस की बैठक में कई बार गूंज चुका है। शहर के सेक्टरों की बात करें या कॉलोनियों की, हर तरफ बेसहारा गोवंश की समस्या पर लोगों को परेशानी हो रही है।
प्रशासन की लापरवाही या लेटलतीफी का खामियाजा हाल ही में एक परिवार को झेलना पड़ा। शहर की नई सब्जी मंडी के पास बेसहारा गोवंश आने से बाइक सवार राहुल की मौत हो गई। मंगलवार को शहर के नागरिक अस्पताल में राहुल का पोस्टमार्टम किया। इसमें राहुल की मौत का कारण सिर की हड्डी टूटना पाया गया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। वाल्मीकि बस्ती निवासी राहुल देर शाम सात बजे भंडारे से सेवा करके नई सब्जी मंडी की ओर अपने घर जा रहा था। इसी दौरान कुछ गोवंश अचानक से उसके सामने आ गए। जब तक वह बच पाता तब तक एक गोवंश से बाइक टकरा गई और बाइक सवार राहुल अनियंत्रित होकर सड़क पर गिर गया। राहगीरों ने उसे गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया मगर तब तक उसकी मौत हो गई थी। इस हादसे ने नगर निगम व प्रशासन की व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है। सड़कों पर गोवंश एक बड़ी समस्या है जिसका अभी तक समाधान नहीं निकल सका है।
हादसे वाली जगह घूमते हैं गोवंश
दिल्ली अमृतसर राजमार्ग के पास जिस जगह हादसा हुआ वहां नगर निगम ने ही गोवंशों के आने का स्थान बना रखा है। इस रोड पर पड़ताल करने पर पता चला कि नई सब्जी मंडी से पहले नगर निगम ने कचरा एकत्रीकरण प्वाइंट बनाया हुआ था। यहां बेसहारा गोवंश ही नहीं बल्कि अन्य जानवर भी विचरण करते देखे जाते हैं। इसके साथ ही राजमार्ग पर सर्विस लेन के पास कई स्थानों पर कचरे डंपिंग प्वाइंट बने हुए हैं। इसके कारण पशु इस रोड पर घूमते हुए दिखाई देते हैं।
कोर्ट में करते हैं दावे, नहीं होता समाधान
अधिवक्ता और बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष रोहित जैन ने बताया कि उन्होंने बेहसहारा पशुओं के कारण हो रही जान माल की हानि को देखते हुए जिला कोर्ट में नगर निगम के खिलाफ केस लगाया था। इसमें अभी तक नगर निगम ने कोई भी सुबूत पेश नहीं किया है। इतना ही नहीं पेशी पर भी निगम पशुओं के लिए बाड़ा बनाने और रिफलेक्टर लगाने की बात कहता है, लेकिन ये सभी कार्य सिर्फ कागजों में ही सिमट कर रह गए हैं। धरातल पर कोई भी कार्य सिरे नहीं चढ़ रहा है। आए दिन बेसहारा पशुओं के कारण लोग घायल हो रहे हैं इतना ही नहीं कई लोगों की तो जान भी जा चुकी है। पशुओं के कारण हुई मौत के मामले में मुआवजे को लेकर भी हमारी ओर से केस लगाया हुआ है।
राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित नई सब्जि मंडी की सर्विस लेन पर पड़ा कचरा। संवाद