संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। गौरव हत्याकांड मामले में 10 दिन से फरार चल रहे कार के असल मालिक अश्वनी को सीआईए 2 की टीम ने प्रोडक्शन वारंट पर मंगलवार को काबू कर लिया। बताया जाता है कि अश्वनी ने सोमवार को अदालत आत्मसमर्पण कर दिया था। अदालत के आदेश पर आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था।
अदालत से सीआईए दो की टीम ने मंगलवार को आरोपी अश्वनी को चार दिन के रिमांड पर लिया। हालांकि टीम ने सात दिन का रिमांड मांगा था। रिमांड के दाैरान टीम आरोपी से पता लगाएगी कि आखिर किस रंजिश के चलते अपहरण के बाद गौरव की हत्या की गई। अश्वनी पांच अप्रैल को गौरव का शव मिलने के बाद से ही फरार चल रहा था।
आरोपी ने कई बार परिजनों से मैसेज भेजकर पैसे मांगे तो खुद को बेगुनाह बताते हुए आत्मसमर्पण करने की बात भी कही थी। पुलिस की टीमें आरोपी की गिरफ्तारी के लिए कभी उत्तर प्रदेश तो कभी उत्तराखंड के हरिद्वार दबिश दे रहीं थी। बार-बार मोबाइल व सिम बदलने के कारण उसकी सही लोकेशन का पता नहीं चल पा रहा था।
गौरतलब है कि नौवीं कक्षा का छात्र गौरव उर्फ गोलू तीन अप्रैल की दोपहर को संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया था। सुराग न मिलने पर परिजनों ने पड़ाव थाना पुलिस को शिकायत दी थी। चार अप्रैल की दोपहर को अपहरण से जुड़ा धमकी भरा पत्र मिला। पत्र में चार लाख रुपये व जेवरात की मांग की गई थी। ऐसे में परिजनों ने तुरंत पुलिस को सूचित किया और पत्र में निर्धारित जगह जग्गी सिटी सेंटर के बाहर पुलिस को साथ लेकर पहुंचे।
करीब एक घंटा इंतजार करने के बाद भी जब कोई अपहरणकर्ता नहीं आया तो वह लौट आए। इसके बाद पांच अप्रैल की सुबह को दुधला गांव में खड़ी एक होंडा सिटी कार की डिक्की में रखे सूटकेस से गौरव का शव बरामद हुआ। शव पूरी तरह से सड़ गल गया था। तभी से पुलिस मुख्य आरोपी अश्वनी की तलाश में दबिश दे रही थी।
परिजनों संग आरोपी कर रहा था गौरव की तलाश
आरोपी अश्वनी मृतक गौरव के घर के ठीक सामने ही रहता है और तीन अप्रैल से गौरव के लापता होने पर परिजनों के साथ मिलकर उसकी तलाश भी कर रहा था। ऐसे में तमाम सवाल खड़े होते हैं कि जब वह उनके साथ गौरव को खोज रहा था तो उसने उसकी हत्या क्यों की। रिमांड के दौरान पुलिस इन्हीं प्रश्नों के जवाब अश्वनी लेगी।
आरोपी ने अदालत में सोमवार को सरेंडर कर दिया था। इसके बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। सीआईए दो की टीम ने कोर्ट से आरोपी को चार दिन के रिमांड पर लिया है। रिमांड में पूछताछ के दौरान हत्या के कारणों का खुलासा हो पाएगा। - नरेश, प्रभारी सीआईए दो।