प्रदेश को गंदगी मुक्त बनाने को लेकर हरियाणा सरकार अब एक और प्रयास कर रही है। इसके लिए सरकार क्लस्टर बेस्ड इंटीग्रेटिड म्यूनिसिपल सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट परियोजना शुरू करेगी। सूबे की सफाई अब क्लस्टर बनाकर की जाएगी। इसके लिए अर्बन लोकल बॉडी डायरेक्टरेट परियोजना पर काम कर रहा है। जल्द ही इस परियोजना को पूरे प्रदेश में लागू कर दिया जाएगा। सरकार का दावा है कि हरियाणा को गंदगी मुक्त बनाने के लिए ये प्रोजेक्ट काफी कारगर साबित होगा।
रोज पैदा होता है 3000 टन कचराइस परियोजना को तैयार करने से पहले स्थानीय शहरी निकाय निदेशालय प्रदेश के सभी 78 नगर निकाय (नगर निगम, नगर परिषद व नगर पालिका) क्षेत्रों में सर्वे करवाया है। प्रदेश के इन निकायों में करीबन 88 लाख की आबादी है और इन सभी नगर निकायों में रोजाना 3000 टन कचरा पैदा होता है। कचरा पैदा होने की यही रफ्तार रही तो आने वाले तीन दशकों में 7000 टन रोजाना कचरा पैदा होगा।
प्राइवेट एजेंसी चलाएगी प्लांट इस नई परियोजना के तहत प्रदेश भर को चौदह क्लस्टरों में बांटा जाएगा। हर क्लस्टर में हरियाणा सरकार क्लस्टर बेस्ट म्यूनिसिपल सोलिड वेस्ट ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित करेगी। इन सभी क्लस्टरों में विभिन्न शहरों के नगर निकायों को जोड़ा जाएगा। उन शहरों का कचरा इकट्ठा कर इन्हीं क्लस्टर बेस्ड म्यूनिसिपल सॉलिड वेस्ट ट्रीटमेंट प्लांट में लाया जाएगा। यहीं विभिन्न शहरों के कचरे का निस्तारण होगा और कचरे से खाद बनाकर किसानों को सस्ती दरों पर बेची जाएगी। ये ट्रीटमेंट प्लांट चलाने के लिए सरकार निजी एजेंसियों को ठेका देगी। सरकार एजेंसियों को कूड़ा जमा करने और प्लांट तक पहुंचाने के लिए भुगतान करेगी। परियोजना के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, जल्द ही इसके टेंडर जारी कर इन ट्रीटमेंट प्लांटों को स्थापित करने की कार्रवाई शुरू की जाएगी।
इन चौदह क्लस्टरों में बनेंगे ट्रीटमेंट प्लांटक्लस्टर इन इलाकों को जोड़ा जाएगा1. अंबाला अंबाला, शाहबाद, थानेसर2. भिवानी लोहारू, भिवानी, सिवानी, चरखी दादरी3. डबवाली/सिरसा डबवाली, कालांवली, रानियां, ऐलनाबाद, सिरसा4. फरूखनगर फरूखनगर, हेली मंडी, पटौदी, सोहाना, तावड़ू, नूंह व पलवल5. गुड़गांव/फरीदाबाद गुड़गांव/फरीदाबाद6. हिसार टोहाना, फतेहाबाद, भूना, रतिया, हिसार, उकलाना मंडी, नारनौंद, हांसी, बरवाला, बवानीखेड़ा7. कैथल पिहोवा, चीका, कलायत, कैथल, राजौंद, पूंडरी, असंध, जींद, उचाना, नरवाना8. करनाल करनाल, निसिंग, इंद्री, नीलोखेड़ी9. पंचकूला पंचकूला व नारायणगढ़10. पानीपत/सोनीपत घरौंडा, गन्नौर, समालखा, पानीपत, सोनीपत, सफीदों11. पुन्हाना फिरोजपुर झिरका, पुन्हाना, हथीन, होडल12. रेवाड़ी अटेली मंडी, कनीना, महेंद्रगढ़, नारनौल, नांगल चौधरी, बावल, रेवाड़ी, धारूहेड़ा13. रोहतक बहादुरगढ़, बेरी, गोहाना, झज्जर, कलानौर, खरखौदा, जुलाना महम, सांपला, रोहतक14. यमुनानगर यमुनानगर, जगाधरी, लाडवा
सरकार ने क्लस्टर बेस्ड म्यूनिसिपल सॉलिड वेस्ट ट्रीटमेंट प्लांट लगाने की परियोजना बनाई है। यह शहरों और कस्बों में सफाई के लिए बहुत सराहनीय कदम है, इससे काफी हद तक कचरे का निस्तारण हो सकेगा। अभी योजना पर कार्य चल रहा है। जल्दी ही इसे लागू कर दिया जाएगा।-रमेश लाल मल, मेयर, म्यूनिसिपल कॉरपोरेशन, अंबाला