अंबाला कैंट। त्योहारी दिनों में फलों का नखरा बढ़ गया है और दाम आसमान छू रहे हैं। विक्रेताओं की मानें तो पीछे से ही दाम बढ़े हैं, जबकि त्योहारी दिनों में इनके रेट और बढ़ सकते हैं। दूसरी ओर लोगों का कहना है कि खुली मार्केट में रेटों पर नियंत्रण न होने के कारण यह सब चीजें महंगी हो रही हैं।
नवरात्र के साथ ही त्योहारों का सीजन शुरू हो चुका है। इसी को लेकर मार्केट में फलों का नखरा बढ़ चुका है। इस दौरान खुदरा विक्रेता मनमाने दाम वसूल रहे हैं, जबकि माना जा रहा है कि यह दाम और बढ़ सकते हैं। व्रत के दौरान फलाहार पर रहने वाले इस महंगाई से काफी परेशान हैं। इनका कहना है कि त्योहारी दिनों में ही अक्सर रेट बढ़ते हैं, जबकि अन्य दिनों में इतने महंगे नहीं होते। विक्रेता भी अपनी मजबूरी जताकर पल्ला झाड़ रहे हैं। फल विक्रेता रमन का कहना है कि फलों के दाम में कीमतों में दस से पंद्रह फीसदी का इजाफा हुआ है। हो सकता है कि यह रेट आने वाले दिनों में और बढ़ जाएं।
यह कहते हैं लोग
कैंट के रहने वालों में सुधा चोपड़ा, मीनाक्षी बत्रा, सुलक्षणा, निर्मला देवी, सिटी निवासी सपना, आरती गुप्ता, मंजू चौहान, शालिनी, सरिता का कहना है कि एकाएक फलों के रेटों में बढ़ोतरी देखने को मिली है। जैसे-जैसे त्योहारी दिन आते रहेेंगे इन के रेट और बढ़ेंगे। यह सब मुनाफाखोरी है और कुछ नहीं, जबकि आम दिनों में तो रेट कम होते हैं। जैसे मांग बढ़ेगी विक्रेता रेट भी बढ़ा रहे हैं। इस पर कुछ तो नियंत्रण होना चाहिए।
फल रेट (प्रति किलो) रेट (प्रति किलो)
सेब 60 80
अनार 130 150
बबुगोशा 40 50
नाशपाती 45 55
पपीता 30 50
संतरा 50 60
कीवी 100 (4 पीस) 125 (4 पीस)
नारियल 25 (1 पीस) 35 (1 पीस)
केला 50 रुपये दर्जन 60 रुपये दर्जन