नारायणगढ़। सिंडीकेट बैंक के पूर्व मैनेजर ने गांव गनौली के एक किसान के साथ षड्यंत्र रचकर धोखाधड़ी से करीब 4 लाख की चपत लगा दी। इस मामले में पुलिस ने मैनेजर और उसके बेटे पर केस दर्ज किया है। पुलिस जांच अधिकारी सुरेन्द्र सिंह के अनुसार गांव गनौली के अशोक कुमार पुत्र अर्जुनदास ने गृह मंत्री अनिल विज को शिकायत देकर कर आरोप लगाया था कि वह खेतीबाड़ी का काम करता है। उसका व पत्नी का सिंडीकेट बैंक में नारायणगढ़ में किसान क्रेडिट कार्ड की लिमिट व सेविंग खाता है।
आरोप हैं कि सिंडीकेट बैंक का मैनेजर उस समय महेश गम्भीर था। मैनेजर व उसके पुत्र श्रेय गम्भीर ने आपसी मिलीभगत कर धोखाधड़ी की नीयत से मेरे खाता से 4 लाख 10 हजार रुपये अपने लड़के श्रेय गम्भीर के खाता में मेरी अनुमति के बिना ही ट्रांसफर कर दिये। जबकि श्रेय गम्भीर से मेरा कोई लेनदेन भी नहीं था। मुझे तब पता चला जब मैंने अपने खाते की स्टेटमेंट निकलवाई। जब मैंने मैनेजर से इस बारे में बात की तो उसने कहा कि मुझसे कुछ गलत काम हो गया था जिसके कारण मेरी नौकरी खतरे में थी। अपनी नौकरी बचाने के लिए मुझे तत्काल पैसों की जरूरत थी। इसलिए मैंने तेरे खाते से पैसे अपने लड़के के खाते में ट्रांसफर कर दिये जोकि मैं अपनी रिटायरमेंट पर मिलने पर सारे पैसे दे दूंगा। क्योंकि बैंक के मेरे सेविंग खाते में जो चेक मेरे साइन किये हुए रखे हुए थे। मैनेजर ने अपने पद का दुरुपयोग करके मेरे चेक का नाजायज व गलत तौर पर इस्तेमाल किया और जब मैने महेश गंम्भीर को कहा कि मेरी रकम वापस करो मुझे बहुत आवश्यकता है तो महेश गम्भीर ने मुझे आश्वासन दिया कि अभी मेरे पास पैसे नहीं है जल्दी ही रिटायरमेंट होने वाली है तब तेरे पैसे दे दूंगा और रिटायरमेंट के बाद भी जब उसने पैसे नहीं दिये तो मैंने श्रेय गम्भीर व महेश गम्भीर से कहा कि अब तो दे दो तो वह टाल मटोल करने लगे और महेश कहने लगा कि यदि तूने अब पैसे मांगे तो मैं अपनी जान दे दूंगा और तेरा नाम लिखकर जाऊंगा। मैं इस समय मानसिक तनाव से गुजर रहा हूं और मेरी हालत बहुत खराब है।