फर्जी फर्म बन जाली दस्तावेज के आधार पर फर्जी फर्म बनाकर सरकार को करोड़ों का चूना का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। करीब पांच करोड़ का राजस्व डकारने वाली मैसर्ज सुपर इम्पेक्ट संचालक के रविंदर सिंह, मैसर्ज तेजेंद्र इंटरप्राइजेज संचालक तेजेंद्र सिंह व मैसर्ज अंबाला स्टील कारपोरेशन संचालक हरीश कुमार पर कार्रवाई अभी शुरू भी नहीं हुई थी कि शहर के हीरा नगर की मैसर्ज हरियाणा स्टील संचालक हरिंदर प्रसाद व एएस अलमाड़ संचालक अंशु जथोल द्वारा जाली दस्तावेज के आधार पर बनाई दोनों फर्म से अंबाला, हरियाणा व दूसरे राज्यों के व्यापारियों के नाम पर करीब पांच करोड़ के बिल काट सरकार को करीब 92 लाख का राजस्व जमा नहीं कराने का मामला सामने आ गया। जीएसटी पोर्टल से वास्तविकता सामने आने के बाद जब आबकारी व कराधान अधिकारी धनपति व उनकी टीमों ने मुआयना किया तो न फर्म मिली न कोई सुराग। एसपी को शिकायत देकर कानूनी कार्रवाई की मांग की गई। वीरवार शहर कोतवाली थाने में ठगी, राजस्व नुकसान व अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज कर तफ्तीश शुरू कर दी गई।
पहले मामले में मै. हरियाणा स्टील का मालिक हरिंदर प्रसाद पंजाब के गोविंदगढ़ का दिखाया गया। अप्रैल से अगस्त 2019 के रिकार्ड के अनुसार 3 करोड़, 62 लाख, 44 हजार 647 रुपये के बिल काटे गए। जीएसटी के अनुसार बना 65 लाख 24 हजार, 39 रुपये का टैक्स जमा नहीं कराया गया। कागजों में लिखाए गए फोन पर भी काल नहीं हो पाई।
दूसरे मामले में घेल रोड की एएस अलायड ने 3 करोड़, 51 लाख, 25 हजार, 708 रुपये का लेनदेन किया लेकिन 27 लाख, 22 हजार, 626 रुपये का राजस्व जमा नहीं कराकर सरकार से धोखाधड़ी की। कोतवाली थाना प्रभारी इंस्पेक्टर राजेश के अनुसार फर्जी फर्म बनाकर सरकार को राजस्व का नुकसान बनाने के मामले में आबकारी व कराधान अधिकारी की शिकायत पर केस दर्ज किया गया है। तफ्तीश जारी है। आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।