सरकारी नौकरी के लालच में दो युवकों के साथ करीब 12 लाख की ठगी हो गई। यह मामला चार साल पहले का है। शिकायत के बाद अब पुलिस ने एक युवती समेत पांच आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। दरअसल मुलाना के रहने वाले योगेश मेहरा ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह प्राइवेट नौकरी करता है। थंबड़ गांव के राकेश कुमार से उसकी जान पहचान है। अप्रैल 2015 में राकेश ने उसे सरकारी नौकरी लगवाने का ऑफर दिया था। उसने कहा था कि उसकी पहचान ऊंची पहुंच रखने वाले कई लोगों से है। उसे नौकरी दिलवा देंगे। तब उसने एक बार उसकी मुलाकात सहारनपुर के बलबीर चौधरी से भी करवाई थी। चौधरी ने खुद को स्काउट एंड गाइड का डायरेक्टर बताया था। उसने स्काउट मास्टर की नौकरी लगवाने के लिए उससे 8 लाख रुपए मांगे थे। कुछ महीने बाद राकेश ने उसकी मुलाकात आरुषि उर्फ नेहा शर्मा व उसके भाई पुनीत शर्मा से दिल्ली में करवाई थी। तब दोनों ने उसे रेलवे, एफसीआई, इनकम टैक्स डिपार्टमेंट, कृषि विभाग व स्टेट बैंक आफ इंडिया में नौकरी दिलवाने का ऑफर दिया था। तब आरोपियों ने रेलवे व एफसीआई में भर्ती के लिए 9-9 लाख, कृषि विभाग के लिए 8 लाख व इनकम टैक्स व स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में नौकरी के लिए 10-10 लाख रुपए की डिमांड की। लालच में आकर उसने एफसीआई में नौकरी का मन बना लिया। दिल्ली केंद्रीय सचिवालय के बाहर राकेश ने आरुषि व पुनीत शर्मा से उसकी मुलाकात करवाई थी। दोनों ने कहा था कि दिल्ली में कई मंत्रियों से उनकी पहचान है। एफसीआई में नौकरी के लिए उससे 4-4 लाख रुपये एडवांस दो किश्तों में और बाकी 5 लाख ज्वाइनिंग लेटर मिलने के बाद देने की बात कही। दूसरी नौकरियों के लिए पांच-पांच लाख एडवांस देने की बात कही। इसके बाद आरुषि उसे लगातार फोन करने लगी। इसके लिए पहले उसकी नौकरी के लिए तमाम दस्तावेज मांगे। तब वह एक लाख रुपये लेकर सहयोगी कृष्ण के साथ दिल्ली गया था। आरुषि शर्मा से उनकी मुलाकात 12 खंभा रोड के नीचे एफसीआई ऑफिस के नीचे हुई। कृष्ण रेलवे में नौकरी लगना चाहता था। इसके बाद दोनों ने दस्तावेजों के साथ एक-एक लाख आरुषि को दे दिए। तब उसे सिक्योरिटी के तौर पर 50 हजार रुपये का चेक दिया गया। फिर उनसे निरंतर पैसों की डिमांड होने लगी। इंटरव्यू व ज्वाइनिंग के लिए उन्हें बिहार व कोलकाता तक भेजा गया। वहां धक्के खाकर वह कृष्ण के साथ वापिस लौट आया।
फिर मिली जान से मारने की धमकी
योगेश ने बताया कि नौकरी न मिलने के बाद जब उसने आरोपियों पर पैसे वापिस करने का दबाव बनाया तो उसे जान से मारने की धमकी मिली। पहले तो आरोपियों ने उसके फोन उठाने बंद कर दिए। कई फोन तो उन्होंने स्थायी रूप से बंद कर दिए। फिर एक दिन आरुषि ने उसे किसी दूसरे नंबर से काल कर कहा कि वे बेहद खतरनाक लोग हैं। उन्हें तलाशनी की कोशिश न करना। योगेश का आरोप है कि उसके व कृष्ण के साथ आरोपियों ने 11.90 लाख की रूपये की ठगी की है। इसी वजह से आरूषि शर्मा के साथ पुनीत शर्मा, राकेश कुमार, मुनीष कुमार, अजय उर्फ अमित के खिलाफ केस दर्ज करने की मांग की थी। पुलिस ने सभी के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है।