फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

फर्जी फर्म तैयार कर आबकारी व कराधान विभाग को लगाया 4.99 करोड़ का चूना

विज्ञापन
विज्ञापन
फर्जी फर्म तैयार कर आबकारी व कराधान विभाग को 4 करोड़ 99 लाख 14 हजार 596 करोड़ का चूना लगा दिया गया। शहर रविदास माजरी, इंद्रपुरी के प्लाट नंबर 143 की मैसर्ज सुपर इम्पेक्ट, मैंसर्ज तेजेंद्र इंटरप्राइजेज के संचालक तेजेंद्र सिंह व देवीनगर की मैसर्ज अंबाला स्टील कारपोरेशन के संचालक हरीश कुमार ने हरियाणा व बाहर के व्यापारियों के नाम पर करीब 40 करोड़, 5 लाख, 37 हजार, 65 रुपये के बिल काटकर मुनाफा कमाया। लेकिन सरकार का टैक्स जमा नहीं कराया। मामले की भनक लगने के बाद आबकारी व कराधान अधिकारी धनपति भारद्वाज ने अपनी टीम के साथ मौके का मुआयना किया। न तो फर्म पाई गई, न ही कार्यालय। रिकार्ड मिलना तो दूर की बात। जीएसटी पोर्टल से रिकार्ड एकत्रित कर पहले विभागीय स्तर पर जांच की गई। उसके बाद एसपी अभिषेक जोरवाल को शिकायत देकर कानूनी कार्रवाई की मांग की गई। बुधवार उपरोक्त फर्म संचालकों के खिलाफ कोतवाली थाने में हेराफेरी, राजस्व चोरी व अन्य आपराधिक धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर तफ्तीश शुरू कर दी। सितंबर माह में हेराफेरी सामने आई। अक्टूबर के अंत में पुलिस को शिकायत दी गई।
विज्ञापन

केस के अनुसार अधिकारियों को पता चला कि जो फर्म दिखाई जा रही हैं, वह अस्तित्व में ही नहीं हैं। भनक लगते ही आबकारी व कराधान अधिकारी धनपति अपने स्टाफ के साथ मौके पर गए। लोगों से पूछताछ में पता चला कि इस प्रकार कोई फर्म वहां से संचालित ही नहीं हुई। कभी कोई कार्यालय नहीं देखा। उसके बाद दस्तावेज में दिखाए गए मोबाइल नंबरों पर भी संपर्क किया गया लेकिन वे भी बंद मिले। जीएटी पोर्टल से रिकार्ड एकत्रित करने पर पता चला कि मैसर्ज सुपर इम्पेक्ट ने 14 करोड़ 43 लाख 45 हजार 294 करोड़ के बिल काटे। लेकिन 2 करोड़ 11 लाख 45 हजार 294 करोड़ा का टैक्स जमा नहीं कराया। मैसर्ज तेजेंद्र इंटरप्राइजिज ने 23 करोड़ 23 लाख 46 हजार 241 करोड़ के बिल काटकर 2 करोड़ 45 लाख 19 हजार 827 करोड़ व मै. अंबाला स्टील कारपोरेशन ने 2 करोड़ 38 लाख 41 हजार 530 रुपये की बिलिंग कर विभाग को 42 लाख 49 हजार 475 लाख का राजस्व जमा न कराकर हेराफेरी की। कोतवाली थाना प्रभारी इंस्पेक्टर राजेश कुमार के अनुसार आबकारी व कराधान अधिकारी की शिकायत पर तीन फर्म संचालकों पर हेराफेरी के केस दर्ज किए गए हैं। फर्जी दस्तावेज से फर्म खोलकर राजस्व नुकसान के आरोपों की तफ्तीश जारी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें