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मैरिज रजिस्टर्ड कराने के बहाने वकील से पूछा पेटीएम का ओटीपी, खाते से उड़ाए 17हजार

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मैरिज रजिस्टर्ड कराने के बहाने साइबर ठगों ने शहर सेक्टर-1, जेल लैंड वासी वकील प्रदीप बत्तरा से पेटीएम का ओटीपी नंबर पूछकर खाते से 17 हजार 105 रुपये उड़ा लिए। 20 अक्टूबर को 93515-00154 से काल करने वाले ने स्वयं की पहचान हिसार के मंजीत सिंह बताई थी। दीपावली की खरीदारी करने गए परिवार को पेमेंट भुगतान के समय पता चला कि अकाउंट में पैसे नहीं हैं, खरीदारी की गई है। फोन पर संपर्क करने पर मंजीत ने ठगी कबूली, पैसे लौटाने का भी आश्वासन दिया। उसी नंबर से दोबारा काल कर जब पेटीएम का ओटीपी मांगा गया तब एसपी को शिकायत देकर कानूनी कार्रवाई की मांग की गई। एटीएम सैल की जांच रिपोर्ट के आधार पर बलदेवनगर थाने में मंजीत पर ठगी का केस दर्ज किया गया।
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केस के अनुसार प्रदीप बत्तरा जिला अदालत में पिछले करीब बीस साल से प्रेक्टिस करते हैं। 20 अक्टूबर को मंजीत ने फोन पर कहा कि वह मैरिज रजिस्टर्ड कराना चाहता है। वे उसे आवश्यक कागजात के अलावा फीस व अन्य खर्च बता दें। प्रदीप ने सभी खर्च समेत अपनी फीस 15 हजार बताई। आरोपी ने 5 हजार रुपये अग्रिम भुगतान के लिए उनका पेटीएम नंबर मांगा, जोकि बता दिया गया। कई बार काल करने के बाद आरोपी ने कहा कि उनके पेटीएम में पैसे नहीं डल रहे हैं। वे पेटीएम का ओटीपी नंबर भेज दें। प्रदीप ने बताया कि वह ओटीपी नंबर घर पर रखते हैं। नौकर से पूछकर ओटीपी नंबर मंदीप को बता दिया। उसके बाद पेटीएम कब हैक हो गया, उन्हें पता नहीं चला। दिवाली पर बाजार गए तो उन्हें पेमेंट के समय पता चला कि इंडिया पेपर प्राइवेट लिमिटेड से तीन बार में 17 हजार 105 रुपये की खरीदारी की गई है। उपरोक्त नंबर पर मंदीप से बात की तो उसने हेराफेरी मान ली। बलदेवनगर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर सुरेंद्र सिंह के अनुसार पेटीएम का ओटीपी नंबर पूछकर पहले खाते को हैक किया गया, उसके बाद खरीदारी की गई। आरोपी की पहचान कर उसे जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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