अंबाला सिटी। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बढ़ती महंगाई, भ्रष्टाचार व बेरोजगारी के खिलाफ केंद्र और प्रदेश भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को हाथों में तिरंगा लेकर अंबाला सिटी के मुख्य बाजारों में रोष मार्च निकाला। आम जनता व स्थानीय दुकानदारों ने भी समर्थन देते हुए रोष मार्च में हिस्सा लिया।
रोष मार्च की अगुवाई कांग्रेस की वरिष्ठ नेता अमीषा चावला व अशोक मेहता ने की। इससे पहले कांग्रेसी कार्यकर्ता अंबाला सिटी के अग्रसेन चौक पर एकत्रित हुए। इस दौरान चावला ने कहा कि महंगाई रिकॉर्ड तोड़ रही है। घरेलू गैस सिलेंडर से लेकर खाने पीने की वस्तुएं लगातार महंगी हो रही है। बढ़ती महंगाई के कारण आम जनता बेहाल है। बढ़ती महंगाई पर सरकार लगाम लाने पर पूरी तरह विफल साबित हो रही है। भ्रष्टाचार चरम सीमा पर है।
बेरोजगारी की वजह से देश का युवा सड़कों पर ठोकरें खा रहा है। केंद्र सरकार देश में सब कुछ ठीक होने की बात कहकर जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि अब कांग्रेसी सरकार के खिलाफ महंगाई व बेरोजगारी के मुद्दे पर खुलकर जनता के साथ सड़कों पर आ गए हैं। सरकार को अब जनता की आवाज सुनने पर मजबूर होना पड़ेगा।
वहीं वरिष्ठ नेता मेहता ने कहा कि महंगाई की वजह से चारों तरफ अफरातफरी का माहौल है। यदि यही स्थिति बरकरार रही तो आने वाले दिनों में देश को श्रीलंका जैसी परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि पहले नोटबंदी ने जनता की कमर तोड़ी, उसके बाद जीएसटी ने कारोबारियों को तबाह कर दिया। रोजगार न मिलने की वजह से युवा अपने रास्ते से भटक रहे हैं। उन्होंने कहा कि पहले सेना देश भक्ति के साथ युवाओं के लिए रोजगार का एक माध्यम थी, मगर अब सरकार ने अग्निपथ योजना को लांच कर इस रास्ते को भी बंद कर दिया है।
युवा कांग्रेस के जिलाध्यक्ष प्रतीक चौधर, युवा नेता रोहित शर्मा विशु, दुष्यंत चौहान ने भी अपनी बातें रखी। इन युवा नेताओं ने कहा कि कि अब सरकार को उनके सवालों का जवाब देना होगा। अन्यथा देश के युवा वोट की चोट से भाजपा के मंसूबों पर पानी फेरने का काम करेगा। रोष मार्च अग्रसेन चौक से शुरू होकर शुक्ल कुंड रोड, रेलवे रोड से होते हुए शहर के जगाधरी गेट पर पहुंचा। यहां केंद्र और प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई। इस दौरान कुलदीप सिंह गुल्लू, देवराज देवा ,वीरेंद्र सिंह निक्कू, सुरेंद्र पाल सिंह, बंटी बजाज, राज कुमार गामा, बुद्ध राम, संजय सेठी, धर्मपाल चड्डा, हरीश शासन, हीरालाल यादव, सुधीर जायसवाल, रूबल शर्मा, केतन भाटिया, संजय भाटिया आदि मौजूद रहे।