अंबाला। थानों में आने वाले लोगों के बीच की दूरियों को खत्म करने के लिए पुलिस की महत्वाकांक्षी यानी मित्र कक्ष शुरू करने की योजना पिछले करीब चार साल से कागजों में दम तोड़ रही है।
जिलाभर के करीब पांच थानों सिटी, सदर, मुलाना, बराड़ा और शहजादपुर में तैयार किया गया है। एक करोड़ 60 लाख की लागत से इस योजना के तहत आधुनिक सुविधाओं से लैस बिल्डिंग बना तो दी है, लेकिन यह कब और कौन खोलेगा इसकी खुद विभागीय अधिकारियों तक को जानकारी नहीं है।
पुलिस विभाग की तरफ से इन बिल्डिंग को संबंधित विभाग द्वारा पुलिस को चालू करने के लिए सुपुर्द न किए जाने की बात कहकर पल्ला झाड़ लिया जा रहा है। जबकि इन भवन में जनता और पुलिस के बीच की दूरी को खत्म करने के लिए 16 सुविधाएं देने का दावा है। जो सीधा आम जनता से जुड़ी है। बता दें कि यह मित्र कक्ष पुलिस महकमे के ही हरियाणा पुलिस हाउसिंग कार्पोरेशन के द्वारा बनाए गए हैं। इनमें कक्ष में अलग से स्पेशल स्टॉफ रखा जाना है। वह बाकायदा ट्रेनिंग दी जानी थी कि वह कैसे प्रेमपूर्वक आने वाली जनता से बात करें और उन्हें उनके अधिकारों बारे बताए। ऐसे में थानों में बने मित्र कक्ष को बीच में शुरू करने की तैयारी थी लेकिन उस बीच फैली कोरोना संक्रमण ने खलल डाल दिया था।
इस प्रकार मिलनी थी 16 सुविधाएं
जिलाभर में कुछ थानों में बनकर तैयार हुए मित्र कक्ष में 16 प्रकार की सुविधाएं दी जानी है। इनमें सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत आवेदन पत्र मिलेंगे, चरित्र सत्यापन, कर्मचारी सत्यापन, कार्यक्रम या आयोजन की अनुमति, पुलिस क्लीयरेंस सर्टिफिकेट, प्राइवेट सिक्याेरिटी एजेंसी वेरिफिकेशन, जुलूस की अनुमति, घरेलू नौकर सत्यापान, धरना-प्रदर्शन की अनुमति, किरायेदार सत्यापान, थ्रेंट असेसमेंट वेरिफेकशन, गुमशुदा संपत्ति रजिस्ट्रेशन, साइबर कैफे रजिस्ट्रेशन, होटल रजिस्ट्रेशन और सीएलजी की सुविधाएं मिलनी थी।
वर्जन
थानों में जो मित्र कक्ष बने हुए है उनको अभी तक संबंधित विभाग की तरफ से उन्हें सुपुर्द नहीं किया गया है। इसको लेकर मुख्यालय में पत्र लिखे गए हैं। हालांकि कुछ का इस्तेमाल करने की तैयारी चल रही है।
जश्नदीप सिंह रंधावा, पुलिस अधीक्षक अंबाला