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कनाडा भेजने के नाम पर 15 लाख रुपये की धोखाधड़ी

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अंबाला। कनाडा विदेश भेजने के नाम पर कलेरा निवासी के युवक से 15 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। थाना नग्गल पुलिस ने युवक के पिता की शिकायत पर आरोपी दंपती व उसके बेटे के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। शिकायत में दलबीर सिंह ने बताया कि वह कलेरा का निवासी है। वह बेटे गौरव को कनाडा भेजना चाहता था इसलिए उसका पासपोर्ट बनवाया था। उसे भूपेंद्र सिंह निवासी ईस्माईलपुर मिला। उसने कहा कि उसका भाई विरेंद्र सिंह विदेश भेजने का काम करता है, उसकी कनाडा में काफी जानकारी है। उसने बहुत बच्चों को विदेश में भेजा है। वह गांव बेडसा के बच्चों को भी भेज रहे हैं।
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विरेंद्र सिंह ने कहा कि वह उसके लड़के को कनाडा में आसानी से भिजवा सकता है। इसके लिए 20 लाख रुपया लगेंगे। विरेंद्र ने गौरव का पासपोर्ट और 10 लाख रुपये की मांग की। इसके बाद उन्होंने पांच लाख रुपये अपने भाई भूपेंद्र सिंह के बैंक खाते से 05 अप्रैल 2021 को विरेंद्र सिंह के खाते में आरटीजीएस ट्रांसफर करवा दिए थे। उसके बाद दो लाख रुपये नकद दिए थे। विरेंद्र ने कहा कि दो महीने बाद उसके बेटे का वीजा आ जाएगा, लेकिन वीजा नहीं आया। इसके बाद विरेंद्र ने उसकी बात अन्य बच्चों के माता-पिता से करवाई जोकि उनके गांव के आसपास के थे। कुछ दिनों बाद विरेंद्र सिंह उसकी पत्नी जसमीत कौर व उसका लड़का अभिजीत सिंह उसे कहने लगे कि गौरव की बायोमीट्रिक 16 दिसंबर 2021 को काठमांडू नेपाल में होनी है।
इसके बाद वह अपने बेटे के साथ काठमांडू नेपाल में अन्य लड़कों के साथ गया। वहां उसके लड़के की बायोमीट्रिक हुई। चार दिन बाद वह अपने घर पर आ गए। 24 दिसंबर 2021 को विरेंद्र सिंह ने कहा कि बेटे का वीजा आ गया है। इस पर उसने कहा कि बकाया के आठ लाख रुपये वह उसके तब देगा जब उसका बेटा गौरव कनाडा के लिए एयरपोर्ट पर जाएगा। इसके बाद विरेंद्र सिंह अपनी पत्नी जसमीत कौर व बेटे अभिजीत सिंह के साथ उसके घर आए और वह 8 लाख रुपये लेकर चले गए। उन्होंने उन्हें दिल्ली में एक होटल में एक माह तक रोके रखा, परंतु कनाडा नहीं भेजा। वहीं बाद में पता चला कि वह वीजा नकली था।
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