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विकास बजट में गड़बड़झाला, पैमाइश रिकार्ड गायब

Tue, 09 Jun 2015 01:08 AM IST
ब्यूूराे/अमर उजाला अंबाला
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म्यूनिसिपल कारपोरेशन अंबाला (एमसीए) के कैंट जोन में पिछले एक साल के दौरान कई विकास कार्यों के लिए पास हुए बजट को खर्च करने में खासी अनियमितताएं बरती गईं।
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जिन इलाकों के लिए विकास बजट पास हुआ, उसे वहां खर्च नहीं किया गया। उस बजट को कुछ प्रभावशाली नेताओं के दबाव से कहीं और खर्च कर दिया गया।

नतीजा यह रहा कि कैंट का वो इलाका जहां सबसे ज्यादा विकास की जरूरत थी, वो तो सालों से विकास की बाट जोहता रह गया और दूसरी ओर कैंट का वो इलाका जहां पहले से ही विकास कार्य हो रखे थे, वहां विकास बजट खर्च कर दिया गया।

मगर अब खेल एवं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने एमसीए कमिश्नर को एमसीए के जरिए हुए पिछले विकास कार्यों को खंगालने के निर्देश दिए हैं। लेकिन एमसीए के कैंट जोन से इसी के संबंधित रिकार्ड में से एक मेजरमेंट बुक (पैमाइश बुक) गायब कर है।
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 ये रिकॉर्ड एमसीए की कंस्ट्रक्शन शाखा के अधीनस्थ था। कंस्ट्रक्शन संबंधी कार्यों का रिकार्ड रखने वाली ये अहम बुक है। जिसका काफी समय से अता-पता ही नहीं है।

अब जांच के दौरान रिकॉर्ड गायब होने की बात को एमसीए कमिश्नर ने पकड़ लिया है और उन्होंने जल्द इस रिकार्ड को उपलब्ध करवाने अन्यथा एफआईआर दर्ज करवाने के निर्देश भी जारी कर दिए हैं।

इसलिए अहम होती है पैमाइश बुक
 एमसीए की कंस्ट्रक्शन शाखा की पैमाइश बुक बेहद अहम रिकार्ड होता है। इस बुक में एमसीए द्वारा विभिन्न इलाकों में करवाए जाने वाले निर्माण कार्यों की पूरी जानकारी अंकित की जाती है।

क्या विकास योजना थी? उसके लिए कितने बजट की स्वीकृति हुई? ये बजट किस इलाके में खर्च करना है? निर्माण कार्य के लिए कहां से क्या सामान खरीदा गया? जिस इलाके के लिए बजट पास था, क्या उस इलाके में बजट खर्च हो गया है या नहीं? इत्यादि विकास कार्यों से जुड़ी तमाम जानकारी इस पैमाइश बुक में शामिल होती हैं।

इस तरह हुआ गड़बड़झाला
 म्यूनिसिपल कारपोरेशन अंबाला के सूत्र बताते हैं कि दरअसल, पिछला साल चुनावी वर्ष था। अप्रैल में लोकसभा चुनाव थे और अक्तूबर में विधानसभा चुनाव।

इसलिए कुछ प्रभावशाली नेताओं ने अपने प्रभाव में कई विकास कार्य अपने कहने पर उन इलाकों में करवाए, जहां उनका अच्छा वोट बैंक था, लेकिन इस दौरान बीडी फ्लोर मिल के पीछे की तमाम कॉलोनियां, एकता विहार के आगे की कालोनियां व सदर इलाका पूरी तरह उपेक्षा का शिकार बनी रही।

विज भी रहे खासे नाराज
 मंत्री के कार्यकाल से पहले भी विज पिछले पांच साल अंबाला कैंट के विधायक थे। मगर विकास कार्यों में भेदभाव को लेकर अनिल विज भी खासे नाराज रहे।

इसी विरोध में सड़कों पर अर्धनग्न प्रदर्शन से लेकर विज ने विधानसभा तक विकास कार्यों में भेदभाव की आवाज उठाई। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। पूर्व सरकार के प्रभावशाली नेताओं ने अपने प्रभाव से अंबाला कैंट में एमसीए के जरिए मनमर्जी से विकास कार्य करवाया।


फंस चुके हैं जेई, ठेकेदार
 दरअसल, ऐसे ही एक मामले में कुछ दिन पहले एमसीए का एक जेई और ठेकेदार पर गाज गिर चुकी है। विज के पास आई एक शिकायत के आधार पर जब एमसीए अफसरों ने जांच की, तो पाया कि एक सड़क के लिए बाकायदा फंड पास हुआ पड़ा था।

मगर उस फंड का इस्तेमाल उस इलाके की सड़क बनाने में न करके कहीं और कर दिया गया। जांच में ये गड़बड़ी पकड़े जाने के बाद एमसीए कमिश्नर के आदेश पर जेई और ठेकेदार के खिलाफ केस दर्ज करवा दिया गया है। इसी तरह और भी मामलों की जांच शुरू कर दी गई है, लेकिन एमसीए की कंस्ट्रक्शन शाखा से एक पैमाइश बुक गायब है।
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विकास बजट के खर्च में कुछ गड़बड़ी की आशंका प्रतीत हो रही है। एक मामले में तो गड़बड़ी पकड़ी भी जा चुकी है। इसलिए जेई व ठेकेदार के खिलाफ केस दर्ज करवाया गया है।

मालूम चला है कि निचले कर्मचारी कुछ रिकॉर्ड को खुर्द-बुर्द करने की कोशिश कर रहे हैं। गायब रिकॉर्ड जल्द उपलब्ध करवाने को कहा गया है, अन्यथा एक और एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी।
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-शक्ति सिंह, ज्वाइंट कमिशनर, एमसीए-

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