नारायणगढ़। राजस्थान के आठ घुमंतू परिवारों को 27 मार्च की गीता स्कूल में ठहरने की व्यवस्था के साथ उन्हें सूखा राशन भी प्रशासन ने उपलब्ध करवाया था। इसके बावजूद यह लोग अब बार-बार प्रशासन से राशन कि डिमांड कर रहे थे। इसकी जांच के लिए एसडीएम नारायणगढ़ ने ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया। जब टीम उनकी अगुवाई में वहां पहुंची तो जांच में पाया गया कि इन्होंने अपने राशन का सामान बिस्तरों में छिपाया हुआ था। इसके बाद जब उन्हें कार्रवाई के लिए बोला गया तब जाकर उन्होंने माफी मांगी और माना कि वह भविष्य में इसी प्रकार से प्रशासन को गुमराह नहीं करेगें। एसडीएम ने कहा कि कोरोना वैश्विक महामारी के कारण किये लॉक डाऊन की अवधि के दौरान संस्थाओं के सहयोग से सभी जरूरतमंद लोगों को राशन उपलब्ध करवाया जा रहा है। जरूरतमंद परिवारों का भी यह नैतिक दायित्व है कि वे ऐसे संकट के समय में प्रशासन को गुमराह न करें व अफवाहें न फैलायें ऐसा करने पर केस दर्ज किया जाएगा।