बरेली/भुता। निजामुद्दीन से निकले तब्लीगी जमात के सदस्य के बारे में जानकारी जुटाने को भुता पुलिस ने हर जतन कर डाला पर कोई सफलता नहीं मिल सकी। सिम का स्थानीय कनेक्शन मिलने के बाद लापता सदस्य का पता निकालने के चक्कर में डिस्ट्रीब्यूटर समेत तीन लोगों से पूछताछ बेनतीजा रही। थक हारकर पुलिस ने तीनों को प्रधान की सुपुर्दगी में दे दिया है। तब्लीगी जमात से लापता आफाब नाम के व्यक्ति का पता नहीं चल पा रहा है। व्यक्ति का पता गाजियाबाद लिखा है और लिस्ट में लिखा नंबर बरेली के भुता थाने के गांव जिहि निवासी अहिवरन की आईडी पर निकला है। आईडी पर फोटो भी अहिवरन का है। नंबर करीब साल भर से बंद है सिम इसी गांव के शकील किराना स्टोर से लिया गया था। स्टोर के मालिक साजिद व अहिवरन को पुलिस ने बुधवार को ही पकड़ लिया था। एसपी देहात व एएसपी ने उससे लंबी बात की। पूछताछ के दौरान साजिद ने बताया कि 2017 में बेचे गए इस सिम के बारे में उसे जानकारी नहीं है। साल भर पहले वह सिम बेचने का काम भी बंद कर चुका है। अपने डिस्ट्रीब्यूटर सिंघाई निवासी राशिद से सिम खरीदकर उसी के पास आईडी फॉर्म जमा करता था। पुलिस दूसरे दिन भी राशिद को भी बुला लिया। तीनों लोगों से पूछताछ में कुछ पता नहीं लगा। इनमें से कोई मुंह खोलने को तैयार नहीं है। इनमें अहिवरन को भले ही निर्दोष मान लिया जाए पर साजिद और राशिद का दोष साफ नजर आता है कि वह किसी दूसरे की आईडी पर लोगों को सिम बांटते रहे। तब्लीगी जमात के बहाने यह एक मामला खुला है। संभव है इन लोगों ने भोलेभाले ग्रामीणों की आईडी पर ऐसे सैकड़ों सिम बांट दिए हों जो पता नहीं कहां-कहां चल रहे हैं। एसपी देहात ने बताया कि अभी तीनों को सुपुर्दगी में दे दिया गया है, सच्चाई हर हाल में सामने लाई जाएगी।